मीटर रीडरों और तकनीकी अप्रेंटिसों की मांगें लंबित, 16 दिन से विरोध प्रदर्शन हैं जारी

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Patiala News: पॉवरकॉम के मुख्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर डटे कर्मचारी।

ठंड में धरनों का अड्डा बना पावरकॉम मुख्यालय

  • जॉइंट फोरम सहित विभिन्न संगठन समर्थन में, जमीन बेचने और नए बिजली बिलों के खिलाफ मोर्चे पर डटे

पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। Patiala News: पावरकॉम का मुख्यालय इन दिनों धरनों का गढ़ बन गया है। मुख्यालय के गेट पर कड़ाके की ठंड में कर्मचारी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। इन धरनों के चलते पावरकॉम प्रबंधन कठिन स्थिति में फंस गया है और समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, मुख्यालय के गेट पर विभिन्न संगठनों ने तिरपाल डालकर ठंड में पक्का डेरा जमा लिया है। पहला धरना मीटर रीडरों का है, जो पिछले 16 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वे 10-15 वर्षों से बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं और कंपनी द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है। उनकी ग्रेच्युटी और बोनस लंबित है, जो अब तक नहीं दिया गया। वे बिजली बिलों के माध्यम से पावरकॉम के लिए राजस्व जुटा रहे हैं, लेकिन उन्हें विभाग में एडजस्ट नहीं किया जा रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे तभी उठेंगे जब उनकी मांगें पूरी होंगी।

तकनीकी अप्रेंटिसों की भूख हड़ताल | Patiala News

दूसरा धरना ऑल डिप्लोमा डिग्री टेक्निकल अप्रेंटिस एसोसिएशन का है, जहां लड़के और लड़कियां भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वे चार-पांच साल से अप्रेंटिस कर चुके हैं, लेकिन पावरकॉम ने कोई नई भर्ती नहीं निकाली। उनकी संख्या हजार से अधिक है और प्रबंधन से कई बैठकें हुईं, लेकिन समाधान नहीं निकला। वे पिछले चार दिनों से डटे हुए हैं।

जॉइंट फोरम और अन्य संगठनों का धरना

इसके अलावा जॉइंट फोरम सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने नए साल से भूख हड़ताल शुरू की है। इन संगठनों ने सरकार और पावरकॉम प्रबंधन पर बिजली बोर्ड की कीमती जमीन बेचने और केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए बिजली बिलों के खिलाफ मोर्चा खोला है। इस धरने को किसान संगठनों समेत अन्य संगठनों का भी समर्थन मिला है। कर्मचारी नेताओं हरपाल सिंह, अजयपाल सिंह अटवाल और रतन सिंह मजारी ने कहा कि सरकार और प्रबंधन अपने वित्तीय संकट को दूर करने और निजी हितों के लिए बिजली निगम की जमीन बेचने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी कर्मचारी संगठन एकजुट हैं और सरकार को ऐसा करने नहीं दिया जाएगा।

धरनों को समाप्त करने के लिए सरकार की सीआईडी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि हालात बिगड़ने न पाएं। Patiala News

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