वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा जायेगा तो इसका बहुत कड़ा जवाब दिया जायेगा। ‘द ह्यू हेविट शो’ को दिये एक साक्षात्कार में ट्रम्प ने ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं जैसा कि वे अक्सर दंगों के दौरान करते हैं, तो उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। उन्होंने कहा कि तेहरान को यह संदेश बहुत स्पष्ट शब्दों में दे दिया गया है कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी।
ट्रम्प (Donald Trump) के अलावा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका उन लोगों के साथ खड़ा है, जो शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं। वेंस ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि ईरान के लिए आगे बढ़ने का सबसे अच्छा रास्ता उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन के साथ गंभीर बातचीत करना है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार वेंस ने कहा कि वास्तविक बातचीत करना तेहरान के लिए सबसे समझदारी भरा काम होगा। वहीं अमेरिका ने रूस के जहाज पर कब्जा कर लिया है और रूस ने भी अमेरिका को चेतावनी दे दी है। हालाता इस समय ऐसे है कि किसी भी वक्त विश्व युद्ध हो सकता है।
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बढ़ने के बाद अधिकारियों ने देशव्यापी इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। गिरती अर्थव्यवस्था और कड़े सुरक्षा उपायों के खिलाफ ईरान के बड़े शहरों से लेकर दूरदराज के इलाकों तक लोग सड़कों पर उतरकर शासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। पिछले दो सप्ताह से जारी इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह बढ़ती मुद्रास्फीति और मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट है, जिससे लाखों लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
इन प्रदर्शनों की शुरूआत 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई थी, जो धीरे-धीरे पूरे देश के बाजारों और विश्वविद्यालयों तक फैल गये। यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय मुद्रा का मूल्य डॉलर के मुकाबले गिरकर साढ़े 13 लाख ईरानी मुद्रा के पार पहुंच गया। एक मानवाधिकार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 38 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें सुरक्षा बलों के चार सदस्य भी शामिल हैं। रिपोर्ट में दर्जनों लोगों के घायल होने और 2,200 से अधिक गिरफ्तारियों की जानकारी दी गयी है। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार अशांति के दौरान 568 पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल के 66 सदस्य भी घायल हुए हैं।
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