मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)। Mirapur News: शिखर शिक्षा सदन सीनियर सेकंडरी स्कूल में 9 एवं 10 जनवरी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से इनक्लूसिव एजुकेशन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को समावेशी शिक्षा की अवधारणा, उसकी आवश्यकता तथा कक्षा-कक्ष में इसे प्रभावी रूप से लागू करने की रणनीतियों से अवगत कराना था।
कार्यशाला के प्रथम दिवस का शुभारंभ विधिवत रूप से सरस्वती वंदना, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का संपूर्ण शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा। Mirapur News
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में मृणालिनी अनंत एवं शीतल गोयल ने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से शिक्षकों को समावेशी शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को सामान्य कक्षा में किस प्रकार प्रभावी रूप से शिक्षित किया जाए, इस पर व्यावहारिक उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया।
रिसोर्स पर्सन द्वारा कराई गई क्रियात्मक गतिविधियों ने शिक्षकों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में समावेशी शिक्षा को लागू करने के लिए भी तैयार किया। कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
इस सफल आयोजन में विद्यालय के प्रधानाचार्य पुनीत राजपूत एवं डायरेक्टर राजेश शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके कुशल नेतृत्व एवं निरंतर सहयोग से यह कार्यशाला अत्यंत प्रभावशाली एवं सार्थक सिद्ध हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समावेशी शिक्षा आज की आवश्यकता है और ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों को CBSE द्वारा ऑनलाइन प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान किए गए तथा दोनों रिसोर्स पर्सन को विद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। इस प्रकार, यह दो दिवसीय कार्यशाला शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुई, जिससे विद्यालय में समावेशी शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक कदम उठाया गया। Mirapur News
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