Suvendu Adhikari Attack Case: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए कथित हमले का मामला अब कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष पहुंच गया है। सोमवार को सुवेंदु अधिकारी ने इस प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय की एकल पीठ में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति सुव्रत घोष ने याचिका को स्वीकार कर लिया है, हालांकि मामले की सुनवाई की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। West Bengal News
याचिका में अधिकारी ने आरोप लगाया है कि 10 जनवरी की रात वह पुरुलिया जिले में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम से लौटकर कोलकाता जा रहे थे। इसी दौरान पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना क्षेत्र में कुछ लोगों ने अचानक उनके काफिले को रोक लिया। अधिकारी का दावा है कि रास्ता रोकने वाले लोग सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के प्रतीक चिह्नों के साथ मौजूद थे।
सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, उनके काफिले पर बांस के डंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी बुलेटप्रूफ वाहन को भी क्षति पहुंची। उन्होंने कहा कि हमला कुछ समय तक जारी रहा, लेकिन घटनास्थल पर पुलिस की तत्काल उपस्थिति नहीं दिखी। किसी प्रकार स्थिति से निकलकर उनका काफिला आगे बढ़ा और इसके बाद वह नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध स्वरूप जमीन पर बैठकर घटना की जानकारी दी। West Bengal News
घटना को केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से संज्ञान में लिया
इस घटना को केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से संज्ञान में लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुवेंदु अधिकारी के कार्यालय से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारी के कार्यालय की ओर से हमले से संबंधित पांच वीडियो पहले ही मंत्रालय को सौंपे जा चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं सुवेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत की और हमले की पूरी जानकारी ली। बताया गया है कि दोनों के बीच लगभग पंद्रह मिनट तक चर्चा हुई, जिसमें घटना के सभी पहलुओं पर बात की गई।
सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि उनके काफिले पर इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले में उनके काफिले को घेरने और रास्ता बाधित करने का प्रयास किया गया था, जिसमें सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की भूमिका का आरोप लगाया गया था। West Bengal News















