ई-पासपोर्ट सेवा में 21 अप्रैल 2025 को मिली बड़ी सफलता
गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 21 अप्रैल 2025 को पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम वर्टन 2.0 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत ई-पासपोर्ट और पीसीसी (पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट) की सेवाओं में महत्वपूर्ण उन्नति दर्ज की गई। वर्ष 2025 में नए रिकॉर्ड बनाए, जिसमे कुल 3,55,094 पासपोर्ट और 11,308 पीसीसी जारी किए गए। घर-घर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) की अपॉइंटमेंट क्षमता लगभग दोगुनी कर दी गई। मोबाइल पासपोर्ट वैन के माध्यम से 14 संस्थानों में सेवा तैनात की गई। विभिन्न क्षेत्रों में पासपोर्ट मेलों का आयोजन, 650 से अधिक फ़ाइलों पर त्वरित कार्यवाही।
आवेदन प्रक्रिया में सुधार और सुविधा | Ghaziabad News
- आरपीओ (आरपीओ) द्वारा पीएसके/घर पीएसके का निरीक्षण और सुधारात्मक कार्रवाई।
- दस्तावेज़ों की सही जानकारी हेतु डिजिटल माध्यमों से आवेदकों को मार्गदर्शन।
- पीएसके और घर-घर केंद्रों में करंसी लॉकर का प्रयोग बढ़ावा, जिससे प्रक्रिया में समय कम और प्राथमिकता आवेदकों को दी जा सके।
- मेरठ और नोएडा केंद्रों में मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार बेहतर सेवाएं।
इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती
- गाजियाबाद में आवेदकों के बैठने की व्यवस्था सुधारने के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया गया।
- केंद्रीय पासपोर्ट कार्यालयों और पीएसके में 33 अतिरिक्त शनिवार कार्य दिवस का आयोजन।
- शिकायत निवारण हेतु ईमेल और हेल्पलाइन की शुरूआत।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म से नये और लंबित मामलों का त्वरित निपटान।
पासपोर्ट ऑफिस में नई पहल और ऑपरेशन
गाजियाबाद में पासपोर्ट स्टॉल की स्थापना।ऑपरेशन ब्रह्मा (मार्च 2025): 343 अधिकारी पासपोर्ट जारी। ऑपरेशन सागरबंदु (दिसंबर 2025): 47 अधिकारी पासपोर्ट जारी। मंत्रालय के निर्देशानुसार सफाई पखवाड़ा, सतर्कता सप्ताह, स्वतंत्रता एवं गणतंत्र दिवस पर नियमित आयोजन। Ghaziabad News
29 वर्षों का गौरवपूर्ण अनुभव, 30 वें वर्ष में प्रवेश
गाजियाबाद ने 29 वर्षों का अनुभव पूरा कर 30वें वर्ष में प्रवेश किया। वर्ट 2026 के तहत उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों के माध्यम से नवाचार और सेवा विस्तार की योजना है।
ये हैं आगामी योजनाएं
प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों और ऐतिहासिक स्थलों पर पासपोर्ट मेले।
ईसीआर (ईसीआर पासपोर्ट धारकों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्रवासन प्रथाओं के लिए रगरूकता कार्यक्रम।
पूरे वर्टन वर्ष में चलने वाले अभियानों का समापन मंत्रालय और यूपीएससी सहयोग से एक बड़े कार्यक्रम के माध्यम से।















