
India-US Trade Deal: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और भारत-अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील अब भी अधर में लटकी हुई है। इस बीच अमेरिका के भीतर ही इस मुद्दे को लेकर सियासी उथल-पुथल तेज़ होती दिख रही है। एक ताज़ा खुलासे ने रिपब्लिकन पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को उजागर कर दिया है, जिसमें खुद एक वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर ने ट्रंप प्रशासन को बातचीत में देरी का जिम्मेदार ठहराया है।
ट्रेड डील में देरी के लिए ट्रंप और उनके करीबी जिम्मेदार?
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सीनेटर टेड क्रूज ने निजी बातचीत में आरोप लगाया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील की राह में सबसे बड़ी रुकावट खुद ट्रंप प्रशासन के भीतर मौजूद लोग हैं। लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्रूज ने व्हाइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो, उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस और कई मौकों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिया।
बताया गया है कि क्रूज ने अपने समर्थकों और दानदाताओं से कहा कि वह भारत के साथ व्यापार समझौता सुनिश्चित करने के लिए व्हाइट हाउस से “जंग” लड़ रहे हैं, जबकि भारतीय निर्यात पर अमेरिका की ओर से 50% तक का भारी टैरिफ अब भी लागू है।
लीक ऑडियो क्लिप से मचा सियासी बवाल | India-US Trade Deal
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत एक निजी फोन कॉल के दौरान हुई थी, जिसकी ऑडियो क्लिप अब वायरल हो चुकी है। हालांकि, इस रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इसके सामने आने से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता और गहरी हो गई है।
गौरतलब है कि बीते करीब पाँच महीनों से भारत पर 50% टैरिफ लागू है, जबकि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता फरवरी 2025 में आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद मार्च-अप्रैल में औपचारिक बातचीत भी शुरू हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
ट्रंप के दावों पर उठे सवाल
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से भरोसा जताया था कि भारत और अमेरिका “एक शानदार डील” की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ भी की थी।
हालांकि, लीक ऑडियो क्लिप ट्रंप के इन दावों पर सवाल खड़े करती है और यह संकेत देती है कि प्रशासन के भीतर ही ट्रेड पॉलिसी को लेकर गंभीर मतभेद मौजूद हैं।
टैरिफ से चुनावी नुकसान की आशंका
एक्सियोस की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सीनेटर क्रूज ने ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति के राजनीतिक और आर्थिक जोखिमों को लेकर चेतावनी दी थी। ऑडियो में क्रूज कथित तौर पर कहते हैं कि उन्होंने और कई रिपब्लिकन सीनेटरों ने अप्रैल में घोषित ‘मुक्ति दिवस टैरिफ’ को रोकने की कोशिश की थी।
उनका मानना है कि ऊंचे टैरिफ से महंगाई बढ़ेगी, अमेरिकियों के रिटायरमेंट फंड पर असर पड़ेगा और इसका सीधा नुकसान 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हो सकता है।
‘डेमोक्रेट्स सत्ता में आ सकते हैं’
सीनेटर क्रूज ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि टैरिफ नीति के नकारात्मक असर ऐसे ही जारी रहे, तो रिपब्लिकन पार्टी व्हाइट हाउस और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण खो सकती है और डेमोक्रेट्स दोबारा सत्ता में लौट सकते हैं।
रिपब्लिकन पार्टी में बढ़ती दरार
कुल मिलाकर, इस ऑडियो क्लिप के वायरल होने से रिपब्लिकन पार्टी के भीतर गहरे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति को लेकर अब उनकी ही पार्टी के नेता असहज नजर आ रहे हैं और आने वाले चुनावों में इसके सियासी नतीजों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। India-US Trade Deal
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