Gold Rate: वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता के बीच लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई छू रही सोने की कीमतों में सोमवार को हल्की नरमी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,60,040 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,47,040 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं 18 कैरेट सोना 1,20,330 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकता हुआ दर्ज किया गया। आमतौर पर 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है और इसका इस्तेमाल निवेश के उद्देश्य से अधिक किया जाता है, जबकि 22 और 18 कैरेट सोना आभूषण निर्माण में ज्यादा प्रचलित है।
चांदी की कीमतों में भी नरमी | Gold Rate
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी आज गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव घटकर 3,34,900 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया, जो पिछले सत्रों के मुकाबले थोड़ा कमजोर माना जा रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताज़ा रेट
देश के अन्य बड़े शहरों में भी सोने की कीमतों में मिलाजुला रुख देखने को मिला—
मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में
24 कैरेट सोना: 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: 1,46,890 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,20,180 रुपये प्रति 10 ग्राम
चेन्नई में
24 कैरेट सोना: 1,59,480 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: 1,47,490 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,22,990 रुपये प्रति 10 ग्राम
दिल्ली के समान भाव देखने को मिले, जहां 24 कैरेट सोना 1,60,040 रुपये, 22 कैरेट 1,47,040 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,20,330 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतें वैश्विक संकेतों, डॉलर की मजबूती-कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेंगी। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहने की स्थिति में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
कैसे तय होते हैं सोने-चांदी के दाम?
सोना और चांदी की कीमतें रोज़ाना कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों के आधार पर तय होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत अमेरिकी डॉलर में निर्धारित होती है, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। डॉलर के मजबूत होने या रुपये के कमजोर होने पर सोने-चांदी के दाम बढ़ जाते हैं।
इसके अलावा भारत में सोने का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, जिस कारण इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और अन्य कर भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। वैश्विक स्तर पर युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव जैसी स्थितियां निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित करती हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग और कीमतें बढ़ती हैं।
भारत में शादी-ब्याह, त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोने की मांग बढ़ जाती है, जो इसकी कीमतों को सहारा देती है। वहीं महंगाई और शेयर बाजार में जोखिम बढ़ने पर निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं, जिससे लंबे समय तक इसकी कीमतों में मजबूती बनी रहती है।















