
मुजफ्फरनगर (सच कहूँ/अनु सैनी)। 8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लंबे समय से 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा बनी हुई है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद से ही सरकारी कर्मचारी यह जानने को उत्सुक हैं कि अगला वेतन आयोग कब आएगा, सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका लाभ उन्हें कब से मिलना शुरू होगा। हाल के दिनों में 8वें वेतन आयोग में हो रही देरी को लेकर भी बहस तेज हो गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह देरी कर्मचारियों के लिए आगे चलकर बड़ा आर्थिक फायदा लेकर आ सकती है।
क्यों अहम होता है वेतन आयोग
भारत सरकार लगभग हर दस साल में एक वेतन आयोग का गठन करती है, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के पे स्केल, भत्तों और रिटायरमेंट लाभों की समीक्षा करना होता है। वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (ऊअ), हाउस रेंट अलाउंस (ऌफअ), ट्रैवल अलाउंस (ळअ) और पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाता है। नया वेतन आयोग लागू होने का सीधा मतलब होता है कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी, जिससे वे बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को बेहतर तरीके से संभाल सकें।
8वें वेतन आयोग की मौजूदा स्थिति
सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स आॅफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी है और आयोग का गठन भी किया जा चुका है। इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। पैनल के गठन के बाद आमतौर पर आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में लगभग 18 महीने का समय दिया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट 2027 या उसके बाद सामने आ सकती है।
कई कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 1 जनवरी 2026 से नई सैलरी लागू कर दी जाएगी, लेकिन सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह तारीख केवल बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल की जा सकती है। असल में सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया लंबी होती है, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों की मंजूरी और वित्तीय आकलन शामिल होते हैं।
देरी से कैसे मिल सकता है लाखों रुपये का फायदा
वेतन आयोग में देरी को आमतौर पर नकारात्मक माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसका एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि कर्मचारियों को भारी एरियर (अ११ीं१२) मिलने की संभावना बन जाती है। अगर आयोग की सिफारिशें किसी पिछली तारीख से लागू की जाती हैं और भुगतान बाद में होता है, तो कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिल सकती है। यही वजह है कि 8वें वेतन आयोग में देरी को लेकर यह चर्चा तेज है कि भविष्य में कर्मचारियों को लाखों रुपये तक का एरियर मिल सकता है।
कितने कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा लाभ | 8th Pay Commission
8वां वेतन आयोग लागू होने पर इसका सीधा असर करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ेगा। इसमें विभिन्न विभागों, मंत्रालयों, रक्षा सेवाओं और अन्य केंद्रीय संस्थानों के कर्मचारी शामिल हैं। सैलरी के साथ-साथ पेंशन में भी संशोधन किया जाएगा, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद
शुरूआती अनुमानों और एक्सपर्ट्स की मानें तो 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन में 30 से 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। अगर फिटमेंट फैक्टर अधिक रखा जाता है, तो लेवल-1 से लेकर लेवल-18 तक के कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा-खासा इजाफा देखने को मिल सकता है। इससे न सिर्फ बेसिक पे बढ़ेगी, बल्कि उससे जुड़े सभी भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी।
कर्मचारियों को क्या समझना चाहिए
हालांकि सैलरी बढ़ने की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं, लेकिन कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि वेतन आयोग की सिफारिशें तुरंत लागू नहीं होतीं। आयोग पहले अपनी रिपोर्ट तैयार करता है, इसके बाद सरकार उन सिफारिशों पर विचार करती है और फिर उन्हें लागू करने का फैसला लेती है। इस पूरी प्रक्रिया में समय लग सकता है। इसका मतलब यह है कि भले ही वेतन आयोग की सिफारिशें तैयार हो जाएं, लेकिन वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी और एरियर का भुगतान काफी बाद में हो सकता है। इसलिए कर्मचारियों को जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहद अहम है। भले ही इसके लागू होने में देरी हो रही हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह देरी भविष्य में बड़े आर्थिक लाभ का रास्ता खोल सकती है। सैलरी और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी के साथ-साथ एरियर की उम्मीद ने कर्मचारियों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार के फैसले पर टिकी हैं।














