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Thursday, March 5, 2026
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    Delhi Riots Case News: दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन सहित 3 आरोपियों की जमानत को लेकर आया बड़ा फैसला

    Hanumangarh News
    Sanketik photo

    Delhi Riots Case Update: नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुई हिंसा से जुड़े प्रकरण में कड़कड़डूमा स्थित जिला अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित तीन अभियुक्तों की जमानत याचिका (Tahir Hussain Bail Plea) निरस्त कर दी है। अन्य दो अभियुक्तों के नाम सलीम मलिक और अथर खान हैं। न्यायालय ने मामले की प्रकृति को गंभीर मानते हुए राहत देने से इंकार किया। Delhi Riots Case News

    यह प्रकरण अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी की अदालत में विचाराधीन है। तीनों अभियुक्तों ने उच्चतम न्यायालय द्वारा इसी प्रकरण में पांच अन्य आरोपितों को जमानत दिए जाने के आधार पर समानता का तर्क प्रस्तुत करते हुए जमानत की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने यह मानने से इंकार कर दिया कि उनका मामला उन आरोपितों के समान है जिन्हें पूर्व में राहत मिली थी। उक्त तीनों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत है, जिसे न्यायालय ने अत्यंत गंभीर श्रेणी का अपराध माना।

    उच्चतम न्यायालय ने 5 जनवरी को जमानत देने से इंकार कर दिया था

    इसी प्रकरण में उच्चतम न्यायालय ने 5 जनवरी को उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार कर दिया था। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया था कि वे एक वर्ष तक पुनः जमानत याचिका दायर नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनाया था। पीठ ने 10 दिसंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत आदेश सुरक्षित रख लिया था। Delhi Riots Case News

    वहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने अन्य पांच आरोपितों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद—को सशर्त जमानत प्रदान की थी। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि एक वर्ष की अवधि में साक्ष्य प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती है तो अभियुक्त पुनः निचली अदालत में जमानत याचिका प्रस्तुत कर सकते हैं।

    उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व उमर खालिद को उनकी बहन के विवाह समारोह में सम्मिलित होने के लिए 16 से 29 दिसंबर तक अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी। उस दौरान न्यायालय ने कई शर्तें निर्धारित की थीं, जिनमें सामाजिक माध्यमों का उपयोग न करना, किसी गवाह से संपर्क न रखना तथा निर्धारित समयसीमा में आत्मसमर्पण करना शामिल था। Delhi Riots Case News