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    कुटेल मेडिकल यूनिवर्सिटी में जल्द शुरू होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, ओपीडी से होगी शुरुआत

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    Gharaunda News: कुटेल मेडिकल यूनिवर्सिटी में जल्द शुरू होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, ओपीडी से होगी शुरुआत

    वीसी डॉ. विकास भाटिया बोले-बड़े स्तर पर तैयार हो रहा अस्पताल, सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी मिलेंगी

    घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। Kutail Medical University: घरौंडा विधानसभा के कुटेल गांव में बन रही मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि आने वाले कुछ महीनों में यहां आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर तरीके से स्थापित करने का काम जारी है और आवश्यक मेडिकल उपकरणों के ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं। उपकरण आने के बाद अस्पताल की ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी और बाद में भर्ती की सुविधा भी शुरू होगी। Gharaunda News

    वीरवार को मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विकास भाटिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुटेल में जिस स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, वह काफी आधुनिक और उच्च स्तर का है। उन्होंने बताया कि वह पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में काम कर चुके हैं और यहां आने के बाद जब उन्होंने यूनिवर्सिटी की प्लानिंग और निर्माण कार्य देखा तो पाया कि इसे बहुत अच्छे स्तर पर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से सुचारू रूप से शुरू करने के लिए सरकार के साथ मूलभूत व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लेकर बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है। साथ ही अब शैक्षणिक कार्यक्रमों को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया है।

    डॉ. विकास भाटिया ने बताया कि अस्पताल की सभी अंदरूनी व्यवस्थाओं को एक बार पूरी तरह से व्यवस्थित और तैयार करने के बाद ही सेवाएं शुरू की जाएंगी। यूनिवर्सिटी के लिए कई जरूरी मेडिकल उपकरणों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं और आने वाले समय में वे उपकरण यहां पहुंचने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उपकरण आने के बाद किसी भी समय अस्पताल की शुरुआत की जा सकती है। शुरुआत में यहां बाह्य रोगी विभाग यानी ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी। जब अस्पताल में बैड और अन्य जरूरी मेडिकल उपकरण पूरी तरह से उपलब्ध हो जाएंगे, तब भर्ती यानी आईपीडी सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी।

    1 और 2 अप्रैल को डॉक्टरों के इंटरव्यू

    यूनिवर्सिटी में डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कुलपति डॉ. विकास भाटिया ने बताया कि 1 और 2 अप्रैल को यूनिवर्सिटी परिसर में ही कुछ डॉक्टरों के इंटरव्यू रखे गए हैं। इन इंटरव्यू के माध्यम से डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी और चयनित डॉक्टर यहां ज्वाइन करेंगे।उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा अस्पताल होगा, इसलिए सभी सुविधाएं एक साथ शुरू करने में समय लगता है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन की कोशिश है कि जल्द से जल्द कुछ सेवाएं शुरू कर दी जाएं, ताकि लोगों को इलाज की सुविधा मिल सके।

    जल्द जारी होगा सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों का विज्ञापन | Gharaunda News

    डॉ. विकास भाटिया ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी आवश्यकता होगी। इसके लिए जल्द ही सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। धीरे-धीरे अस्पताल में नई सेवाएं और विभाग भी जोड़े जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल पूरी तरह से विकसित हो जाएगा तो यहां कई तरह की उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेडिकल यूनिवर्सिटी का दायरा भी काफी बड़ा होगा। डॉ. विकास भाटिया ने बताया कि प्रदेश के 11 जिलों के मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और एलाइड हेल्थ से जुड़े करीब 60 से 70 संस्थान इस यूनिवर्सिटी से संबद्ध होंगे। इन सभी संस्थानों के छात्रों को डिग्री इसी मेडिकल यूनिवर्सिटी से प्रदान की जाएगी। इसके लिए पूरी योजना तैयार की जा रही है।

    एमबीबीएस से लेकर पीएचडी तक होंगे कई कोर्स

    उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में मेडिकल शिक्षा के कई कोर्स शुरू किए जाएंगे। इनमें एमबीबीएस, एमडी, एमएस, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पीएचडी जैसे कोर्स शामिल होंगे। इसके अलावा सुपरस्पेशलिटी कोर्स जैसे डीएम और एमसीएच की डिग्री भी इसी यूनिवर्सिटी से दी जाएगी। इसके साथ-साथ कुछ तकनीकी और कौशल बढ़ाने वाले कोर्स भी शुरू करने की योजना है। डॉ. भाटिया ने बताया कि अस्पतालों में कई तरह के तकनीकी स्टाफ की कमी रहती है, इसलिए ऐसे कोर्स भी शुरू किए जाएंगे ताकि प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो सके। Gharaunda News

    कैंसर और दिल के मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा

    डॉ. विकास भाटिया ने कहा कि यूनिवर्सिटी शुरू होने के बाद क्षेत्र के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैंसर और दिल की बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसे मरीजों को इलाज के लिए अक्सर बड़े शहरों में जाना पड़ता है। लेकिन मेडिकल यूनिवर्सिटी शुरू होने के बाद ऐसी कई सुविधाएं यहीं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे मरीजों को दूर-दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    सरकारी होने से इलाज का खर्च भी रहेगा कम

    उन्होंने बताया कि यह एक सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी है, इसलिए यहां इलाज का खर्च भी काफी कम रहेगा। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य है कि मरीजों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. भाटिया ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि अस्पतालों के लिए जरूरी प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किया जाए। यहां से पढ़कर निकलने वाले अधिकतर छात्र हरियाणा के ही होंगे और वे प्रदेश के अस्पतालों में सेवाएं देंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 के दौरान यूनिवर्सिटी काफी आगे बढ़ जाएगी और आने वाले समय में यहां स्वास्थ्य सेवाएं और भी बेहतर हो जाएंगी। Gharaunda News

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