Black Sea Tanker Attack: इस्तांबुल। काला सागर (ब्लैक सी) में तुर्की के क्रूड ऑयल टैंकर ‘अल्टुरा’ पर गुरुवार सुबह ड्रोन हमला हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन जहाज को नुकसान जरूर पहुंचा। तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू के हवाले से इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस्तांबुल के बोस्फोरस जलडमरूमध्य के पास रूस से आ रहे तुर्की के टैंकर ‘अल्टुरा’ पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे जहाज क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन चालक दल के सभी 27 तुर्की नागरिक सुरक्षित हैं। Turkish Oil Tanker Attack
मंत्री ने कहा, “हमारा मानना है कि इंजन रूम को खास तौर पर टारगेट किया गया था। हमला ड्रोन से नहीं, बल्कि पानी के लेवल पर एक अनमैन्ड सरफेस व्हीकल से किया गया था।” उरालोग्लू ने यह नहीं बताया कि जहाज पर हमला उनके जलक्षेत्र में हुआ या नहीं, लेकिन तुर्की के एनटीवी न्यूज चैनल ने बताया कि यह जहाज तुर्की की कंपनी बेसिकटास का है और इस पर सिएरा लियोन का झंडा लगा है। इसने शिप-ट्रैकिंग डेटा का हवाला देते हुए बताया कि यह रूस के नोवोरोस्सिय्स्क पोर्ट से लगभग 10 लाख बैरल क्रूड ऑयल लेकर निकला था और बोस्फोरस जलडमरूमध्य से बमुश्किल 30 किलोमीटर दूर था।
जहाज पर 1,40,000 टन कच्चा तेल था जो रूस से लाया जा रहा था। मंत्री के अनुसार, जहाज के ब्रिज और इंजन रूम को नुकसान हुआ, जिससे इसमें पानी भरने की सूचना मिली। इससे पहले भी, दिसंबर 2025 में काला सागर में ही तुर्की के कई अन्य जहाजों को रूसी हमलों में निशाना बनाए जाने की रिपोर्टें आई थीं। यह क्षेत्र रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण तनावपूर्ण बना हुआ है। कुछ हमलों के बाद राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने ब्लैक सी को “टकराव का इलाका” न बनाने की चेतावनी दी थी। तुर्की, जिसका उत्तरी किनारा यूक्रेन और क्रीमिया के बीच है, ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से कीव और मास्को दोनों के साथ करीबी रिश्ते बनाए रखे हैं। Turkish Oil Tanker Attack















