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    Petrol-Diesel Shortage: ईरान-अमेरिका/इजरायल युद्ध के बीच पंजाब ने पेट्रोल-डीजल आपूर्ति बढ़ाने की मांग की

    Punjab News
    सांकेतिक फोटो

    पंजाब में 12 दिनों का पेट्रोल-डीजल और लगभग 6 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध: सीएम

    • कटाई के दौरान निर्बाध ईंधन आपूर्ति जरूरी, नहीं तो खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा असर

    चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Petrol-Diesel Shortage: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहराई है। इसी परिप्रेक्ष्य में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत सरकार से पेट्रोल, डीजल और डीएपी खाद की पर्याप्त एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं की संभावित पैदावार के साथ कटाई के लिए तैयार है और इस दौरान ईंधन की कमी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी प्रकार की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कटाई और अनाज की ढुलाई को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को समय रहते कदम उठाने होंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब देश के लिए 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। Punjab News

    प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ हुई वर्चुअल बैठक में उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि फसल कटाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, ट्रॉलियां, हार्वेस्टर और ट्रक इस्तेमाल होते हैं, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ जाती है। इसलिए जनहित में ईंधन आपूर्ति बढ़ाना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में इस समय 12 से 14 दिनों का पेट्रोल-डीजल और लगभग 6 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है। देश स्तर पर भी 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल और 30 दिनों का एलपीजी भंडार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी या घबराहट में खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं है और ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एलपीजी और खाद की स्थिति | Punjab News

    उन्होंने बताया कि हाल ही में एलपीजी रिफिल के लिए 71,000 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 69,000 की आपूर्ति की जा चुकी है। जांच के दौरान 301 एलपीजी सिलेंडर भी जब्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएपी खाद की नियमित आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जानी चाहिए, क्योंकि पंजाब में धान की बुवाई 1 जून से शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपने गोदामों से 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं देने के लिए तैयार है, जबकि इस वर्ष 140 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है। इसके साथ ही 139 लाख मीट्रिक टन धान भी देश को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त कर में कटौती के फैसले का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी रिफिल की प्रतीक्षा अवधि को 45 दिनों से घटाकर शहरी क्षेत्रों के समान 25 दिन किया जाए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और रणनीतिक क्षमता ही देश की वास्तविक ताकत को दशार्ती है और इसके लिए आवश्यक संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत किया जाना चाहिए।

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