Indian Fishermen Released: कोलंबो। श्रीलंका में हिरासत में रखे गए 30 भारतीय मछुआरों को रिहा कर स्वदेश भेज दिया गया है। इस संबंध में कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी मछुआरे सुरक्षित रूप से अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। Sri Lanka News
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि राजनयिक प्रयासों के परिणामस्वरूप इन मछुआरों की वापसी सुनिश्चित की जा सकी। उल्लेखनीय है कि समुद्री सीमा के अनजाने उल्लंघन के कारण भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषकर पाक खाड़ी तथा पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
मछली पकड़ने से जुड़े समुद्री अधिकारों का यह विवाद लंबे समय से दोनों देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत सरकार के सतत कूटनीतिक प्रयासों तथा तमिलनाडु सरकार की पहल के परिणामस्वरूप ऐसे मामलों में समय-समय पर मछुआरों की रिहाई संभव हो पाती है। Sri Lanka News
इससे पहले मार्च माह के दौरान भी कई भारतीय मछुआरों को चरणबद्ध तरीके से स्वदेश लौटाया गया था। 14 मार्च को 14 मछुआरों को चेन्नई लाया गया था, जिन्हें समुद्री सीमा पार करने के आरोप में श्रीलंकाई तटरक्षक बल ने हिरासत में लिया था। इसके अतिरिक्त 7 मार्च को तीन तथा 20 मार्च को नौ अन्य मछुआरों की भी वापसी सुनिश्चित की गई थी।
मार्च में श्रीलंका की एक अदालत ने मछुआरों की रिहाई का आदेश दिया था
मार्च के प्रारम्भ में श्रीलंका की एक अदालत ने रामेश्वरम क्षेत्र के आठ मछुआरों की रिहाई का आदेश दिया था, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इसी प्रकरण में दो अन्य मछुआरों को दंड और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि सात मछुआरों को स्वदेश वापसी तक विशेष शिविर में रखा गया। Sri Lanka News
इससे पूर्व फरवरी में एम. के. स्टालिन (M. K. Stalin) ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि श्रीलंका में रिहा किए गए भारतीय मछुआरों की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने मंडपम तथा मयिलादुथुराई क्षेत्र के 12 मछुआरों की रिहाई प्रक्रिया में तेजी लाने की भी अपील की थी, जिन्हें वर्ष 2025 के अंतिम महीनों और 2026 की शुरुआत के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
समुद्री सीमा से संबंधित यह मुद्दा भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय वार्ताओं में निरंतर उठाया जाता रहा है। दोनों देश इस समस्या के समाधान के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, वैकल्पिक आजीविका के अवसर विकसित करने तथा समुद्री सीमा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने जैसे दीर्घकालिक उपायों पर विचार कर रहे हैं। Sri Lanka News















