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Tuesday, March 17, 2026
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    एनएचएम कर्मियों को भारी पड़ी हड़ताल, 299 की सेवाएं की समाप्त

    NHM, Strike

    5 फरवरी से मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे कर्मचारी

    सच कहूँ/विजय शर्मा
    करनाल। सरकार द्वारा कर्मचारियों को बार-बार समझाए जाने के बाद भी अपनी सेवाओं पर नहीं लौट रहे एनएचएम कर्मचारियों को भारी खामियाजा भुगतना पड़ा। जिला में हड़ताल पर चल रहे एनएचएम के कुल 312 कर्मचारियों में से 299 कर्मचारियों की सेवाएं सरकार ने समाप्त कर दी हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला सिविल सर्जन द्वारा एनएचएम के अंतर्गत एसएनसीयू, लेबर रूम तथा आपातकालीन सेवाओं को नियमित कर्मचारियों के माध्यम से सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त प्रबंध भी कर लिए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के कुछ कर्मचारी 5 फरवरी से निरंतर असंवैधानिक रूप से हड़ताल पर चल रहे हैं पहले भी कर्मचारी 2 वर्ष में लगभग 10 बार हड़ताल पर रह चुके हैं।

    जबकि एनएचएम के कर्मचारियों को सर्विस सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1 जनवरी 2018 सर्विस बाईलॉज (नियम) बना दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर विचार करते हुए सरकार द्वारा दूर कर दी गई हैं। सभी कर्मचारियों को सर्विस बाईलॉज के अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि, डीए व अन्य लाभ निरंतर दिए जा रहे हैं इससे हरियाणा सरकार पर प्रतिवर्ष 110 करोड़ रुपये का वित्तीय भार बढ़ रहा है। बावजूद इसके कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की जा रही है। जिसको लेकर सरकार ने ये कदम उठाया।

    अडिल रवैये को त्याग कर काम पर लौटे कर्मचारी: सिविल सर्जन

    सिविल सर्जन डॉ. राजेन्द्र कुमार ने बताया कि जिला में एंबुलेंस पर कार्यरत हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों की भरपाई के लिए एनएचएम एंबुलेंस पर नियमित चालकों व हरियाणा रोडवेज से व आऊटसोर्सिंग से चालकों का पर्याप्त प्रबंध कर लिया गया है और सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। फिर भी हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों से गुजारिश की जाती है कि अपने अडिल रवैये को त्यागते हुए तुरंत अपनी सेवाओं पर लौटें अन्यथा जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी उन्हें किसी हाल में पुन: सेवाओं में नहीं लिया जाएगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होंगे।

    हड़ताल नाजायज, जल्द होगी नई भर्ती: अनिल विज

    सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे कर्मचारियों ने सरकार द्वारा लिए गए फैसले पर रोष जताते हुए का कहा कि वे जल्द ही सरकार के खिलाफ अगामी आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि सकारात्मक हल नहीं निकाला तो उसके वह आमरण अनशन करेंगे। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने साफ तौर पर कह दिया है कि यह हड़ताल नाजायज है। जल्द ही सरकार नई भर्ती करेगी।

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