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     भाजपा और शिवसेना सरकार गठन पर रार बरकरार

    BJP and ShivSena

    कांग्रेस और एनसीपी भी उलझन में फंसे ( BJP and ShivSena)

    मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान किसी निर्णायक अंत की ( BJP and ShivSena)ओर बढ़ता दिखाई नहीं दे रहा है। रविवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास वर्षा में भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं विनोद तावड़े, आशीष शेलार, गिरीश महाजन आदि ने मंथन किया, लेकिन वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। वहीं दूसरी ओर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अगर महाराष्ट्र में कोई और सरकार गठित नहीं कर पाता है तो उनकी पार्टी अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि राजनीति उनके दल के लिए कोई कारोबार नहीं है।

    ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी-शिवसेना ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया

    • इस सबके बीच कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने राज्यपाल से कांग्रेस-एनसीपी को सरकार
    • बनाने के लिए न्योता देने की अपील की है।
    • उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी-शिवसेना ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया है,
    • ऐसे में महाराष्ट्र के राज्यपाल को प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े गठबंधन एनसीपी-कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
    • ’ दूसरी तरफ मुंबई स्थित मातोश्री निवास के बाहर एक पोस्टर लगा दिखाई दिया।
    • इस पोस्टर में लिखा है, ‘महाराष्ट्र को बतौर सीएम उद्धव ठाकरे की जरूरत है।’

    12 को करेंगे विचार : एनसीपी

    • एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि अगर महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना सरकार बनाती हैं तो हम विपक्ष में बैठेंगे।
    •  कि अगर दोनों दल मिलकर सरकार नहीं बनाते तो हम कांग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर विचार करेंगे।
    • मलिक ने कहा कि इसके लिए 12 नवंबर को हम अपने विधायकों के साथ बैठक करेंगे।
    • इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।

    क्या है वर्तमान स्थिति

    महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना तथा कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। वहीं 24 अक्टूबर को आए चुनाव नतीजों में भाजपा को 105, शिवसेना 56 सीट, एनसीपी को 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत मिली। नतीजों के बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच सीएम पद और सरकार में हिस्सेदारी को लेकर विवाद हो गया। इसके चलते किसी ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया। राज्य में 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 145 सीटों पर जीत की आवश्यकता होती है।ं

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