नई दिल्ली। आधुनिक जीवनशैली में काम का दबाव, डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग और अनियमित दिनचर्या के कारण बड़ी संख्या में लोग नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। देर रात तक मोबाइल या कंप्यूटर का उपयोग करना, तनाव और असंतुलित भोजन की आदतें धीरे-धीरे नींद के प्राकृतिक चक्र को प्रभावित करती हैं। इसके कारण कई लोग बिस्तर पर जाने के बाद भी देर तक सो नहीं पाते और सुबह उठने पर थकान महसूस करते हैं। Healthy Sleep Diet
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी नींद केवल आराम के लिए ही नहीं बल्कि शरीर और मस्तिष्क के समुचित कार्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद से शरीर की ऊर्जा पुनः प्राप्त होती है, दिमाग तरोताजा रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। यदि लगातार नींद पूरी न हो तो इसका असर मानसिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और शारीरिक संतुलन पर दिखाई देने लगता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि हमारे खान-पान का नींद की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो शरीर को शांत करने और हार्मोन संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। यदि इनका सेवन सही समय पर किया जाए तो नींद आने में आसानी हो सकती है और गहरी नींद भी प्राप्त होती है।
सोने से पहले दूध पीने की आदत लंबे समय से प्रचलित
भारतीय परंपरा में सोने से पहले दूध पीने की आदत लंबे समय से प्रचलित रही है। आयुर्वेद में भी इसे लाभकारी माना गया है। दूध में पाए जाने वाले कुछ पोषक तत्व शरीर में ऐसे रसायनों के निर्माण में सहायता करते हैं जो मस्तिष्क को शांत करते हैं और नींद की प्रक्रिया को सहज बनाते हैं। कई लोग हल्दी मिलाकर गुनगुना दूध पीते हैं, जिसे शरीर को आराम देने और मांसपेशियों को शिथिल करने में उपयोगी माना जाता है।
इसके अलावा फाइबर से भरपूर आहार भी नींद के लिए लाभदायक माना जाता है। साबुत अनाज, दालें, फल और हरी सब्जियां पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं। जब पाचन प्रणाली सही तरीके से काम करती है तो शरीर हल्का महसूस करता है और रात में बेहतर नींद आती है।
प्रोटीन युक्त भोजन भी शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। दाल, पनीर, दही, अंडा और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि रात का भोजन हल्का और संतुलित होना चाहिए। अत्यधिक तैलीय या मसालेदार भोजन से अपच और गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे नींद प्रभावित होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और पर्याप्त विश्राम को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए तो नींद की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। Healthy Sleep Diet















