
Paid Tributed: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। बीते दिनों अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरण कमलों में सचखंड जा बिराजे डेरा श्रद्धालु मुख्तयार सिंह इन्सां (निवासी लुधियाना) के नमित शनिवार को श्रद्धांजलि नामचर्चा जल तरंग बैकेंट हॉल, निकट शाह सतनाम जी पुरा, सरसा में आयोजित की गई। डेरा सच्चा सौदा प्रबंधक कमेटी, रिश्तेदारों और साध-संगत ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। नामचर्चा के दौरान विभिन्न कविराजों ने शब्दवाणी की, जिसे साध-संगत ने पूरी श्रद्धा के साथ श्रवण किया। Sirsa News
इस दौरान पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अनमोल वचनों की वीडियो चलाई गई, जिसे साध-संगत ने एकाग्रचित होकर सुना। सच्चे नम्र सेवादार सम्पूर्ण सिंह इन्सां ने श्रद्धांजलि अर्पित हुए कहा कि यह अत्यंत सौभाग्यशाली परिवार है, जिसमें ऐसे समर्पित सेवादार का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि यह आत्मा धन्य है, जिसने आधी सदी से अधिक समय तक डेरा सच्चा सौदा की पवित्र मर्यादा में रहकर जीवन व्यतीत किया।
सच्चे नम्र सेवादार अमरजीत सिंह इन्सां ने कहा कि संसार से एक दिन सबको जाना है, परंतु जो गुरु की मर्यादा में रहकर सेवा करते हुए जाते हैं, वे दोनों जहानों में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर जाते हैं। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं, विभिन्न ब्लॉकों की साध-संगत, एमएसजी ऑल ट्रेडिंग कंपनी और अन्य संस्थाओं ने शोक संदेश भेजकर श्रद्धांजलि अर्पित की। नामचर्चा में डेरा सच्चा सौदा के सीनियर वाइस चेयरमैन डॉ. पीआर नैन इन्सां, विभिन्न राज्यों के सच्चे नम्र सेवादार, पक्की समितियों के सेवादार, मीडिया विंग के सदस्य, ‘सच कहूँ’ स्टाफ सदस्य तथा साध-संगत उपस्थित रही। Sirsa News
जीवन के अंतिम समय तक करते रहे मानवता की सेवा
उल्लेखनीय है कि मुख्तयार सिंह इन्सां का जन्म वर्ष 1942 में गांव पत्तों हीरा सिंह, जिला मोगा में हुआ। बाद में वे लुधियाना आकर बस गए। वर्ष 1959 में उन्होंने पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से नाम की अनमोल दात प्राप्त की। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में उन्होंने डेरा सच्चा सौदा के निर्माण कार्यों में बढ़-चढ़कर सेवा की। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की पावन प्रेरणाओं से वे जीवन के अंतिम समय तक सेवा से जुड़े रहे। उनके बेटे गुरदर्शन सिंह (कनाडा) में तथा गुरचरण सिंह इन्सां, सरसा दरबार में सेवा निभा रहे हैं। नामचर्चा की कार्यवाही प्रेमी सेवक लक्की इन्सां ने संचालित की। Sirsa News














