
जमीनी विवाद से आहत पूर्व सैनिक ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप
Retired Soldier Land dispute: गोरीवाला (सच कहूँ/अनिल)। उपतहसील गोरीवाला के अंतर्गत राजस्थान सीमा से सटे गांव कालुआना निवासी एक रिटायर्ड सैनिक ने कथित रूप से जमीन विवाद और प्रशासनिक अनदेखी से आहत होकर इच्छा मृत्यु कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। पूर्व सैनिक ने इस संबंध में सरसा के उपायुक्त को पत्र भेजकर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है। इससे पूर्व वह राष्ट्रपति के नाम भी इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए पत्र लिख चुके हैं। रिटायर्ड सैनिक ओमप्रकाश का आरोप है कि उनकी करीब 63 कनाल पारिवारिक जमीन की रजिस्ट्री नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी की मिलीभगत से गलत तरीके से कर दी गई। Sirsa News
इतना ही नहीं, अधिकारियों ने उनके खेत में जाने के लिए रास्ता और पानी के लिए नाली तक नहीं छोड़ी, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओमप्रकाश ने बताया कि वह पांच भाई हैं, जिनमें से एक भाई ने अपनी जमीन बेच दी थी। आरोप है कि जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने गलत तरीके से रजिस्ट्री करवा ली और बाद में उनके हिस्से की जमीन को भी तीन टुकड़ों में बांट दिया। इससे उनके खेत तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं बचा। इस मामले को लेकर उन्होंने डबवाली एसपी से शिकायत कर केस दर्ज करने की मांग भी की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, खरीददार की ओर से दबाव और धमकियां मिलने का आरोप भी उन्होंने लगाया है।
लगातार शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
पूर्व सैनिक का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर उन्होंने राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। अब उन्होंने इच्छा मृत्यु ग्रहण समारोह आयोजित करने की बात कही है, जिसकी तिथि जल्द घोषित की जाएगी। उपायुक्त को भेजे पत्र में ओमप्रकाश ने स्वयं को पिछले पांच वर्षों से भ्रष्टाचार से पीड़ित नागरिक बताते हुए लिखा है कि वह परिवार सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति मांग चुके हैं। उन्होंने उपायुक्त से कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह करते हुए भावुक शब्दों में अपनी पीड़ा व्यक्त की है। Sirsa News
ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने 23 फरवरी 2021 को इस मामले की शिकायत उपायुक्त सरसा को दी थी और 30 जून 2021 को चंडीगढ़ में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात की थी। इसके बाद जांच हुई और जमीन खरीददार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के आदेश हुए। आरोप है कि नायब तहसीलदार की संलिप्तता के कारण आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि, बाद में नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया और कानूनगो व पटवारी के खिलाफ जांच शुरू हुई। इस संबंध में उपायुक्त सरसा शांतनु शर्मा ने कहा कि रिटायर्ड सैनिक की जमीन से जुड़े मामले की जांच करवाई जा रही है। सभी पहलुओं को देखने के बाद ही प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। Sirsa News














