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    ‘भविष्य निधि अंशदान जमा कराने में आधार अनिवार्य होना श्रमिकों के हित में नहीं‘

    santosh-gangwar

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उद्योग एवं प्रतिष्ठानों के संगठन एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज एंड इंस्टिट्यूट्स ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ ) का अंशदान जमा कराने में कामगारों का आधार अनिवार्य करने का विरोध करते हुए कहा है कि इससे कर्मचारियों का अहित होगा इसलिए इसे जल्दी से जल्दी वापस लिया जाना चाहिए। संगठन ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार को लिखे एक पत्र में कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान समस्त कामकाज अस्त व्यस्त है। ऐसे में ईपीएफ जमा कराने के लिए आधार नंबर का अनिवार्य बनाना कर्मचारियों के हित में नहीं है।

    इससे कर्मचारियों को नुकसान होगा। संगठन का कहना है कि ईपीएफ का अंशदान जमा कराने में आधार कार्ड का जुड़ा होना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। आधार को भविष्य निधि से जोड़ने में बहुत सारी तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ता है और उनके समाधान के लिए कामगारों को कई विशेषज्ञों की मदद लेनी पड़ती है। कोरोना महामारी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है इसलिए आधार की अनिवार्यता खत्म करनी चाहिए।

    क्या है पूरा मामला:

    गौरतलब है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में एक जून 2021 से भविष्य निधि में अंशदान जमा कराने के लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य बना दिया है। ऐसा नहीं करने पर नियोक्ता भविष्य निधि में कामगार का अंशदान जमा नहीं करा सकेंगें। उद्योग संगठन का कहना है कि इस प्रावधान से कर्मचारी को भी नुकसान होगा।

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