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    आखिरकार खत्म हुआ रोडवेज कर्मियों का आंदोलन

    • हाईकोर्ट ने तकनीकी वेतनमान में दिए जाने वाले वित्तीय लाभ एसीपी की कटौती का दिया स्टे
    • फैसले को कर्मचारियों ने बताया अपनी जीत

    Hisar, SachKahoon News:  हरियाणा राज्य परिवहन विभाग द्वारा रोडवेज की कर्मशालाआें में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान में दिए जाने वाले वित्तीय लाभ एसीपी की कटौती पर पंजाब एण्ड हरियाणा हाई कोर्ट ने स्टे आॅर्डर जारी कर दिए हैं। हाईकोर्ट से स्टे आॅर्डर मिलने के बाद हरियाणा रोडवेज से जुड़े संयुक्त कर्मचारी संघ ने अपनी जीत बताई है। स्टे आॅर्डर जारी होने के बाद रोडवेज यूनियनों के भविष्य में होने वाले आंदोलन भी फिलहाल स्थगित हो गए हैं। ज्ञात रहे कि 7 दिसंबर को ही राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक ने पत्र क्रमांक 6757-6814/ए 2/ई4 जारी कर परिवहन विभाग में कर्मशाला में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान में दिए जाने वाले वित्तीय लाभ एसीपी की कटौती कर दी थी। विभाग के महानिदेशक के इस फैसले का रोडवेज से जुड़ी विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों ने प्रदेशभर में विरोध कर दो घंटे के लिए चक्का जाम भी किया था। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ ने विभाग के इस निर्णय के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूपी नंबर 26209/2016 याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्टे आॅर्डर जारी कर दिए हैं। रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान दलबीर किरमारा व राज्य उपमहासचिव सुभाष ढिल्लो ने बताया कि संगठन द्वारा लगाई गई रिट में हाईकोर्ट ने वित्त विभाग हरियाणा द्वारा जारी पत्र क्रमांक 2/22/2014-3पीआर(एफडी) 27-08-2014 को आधार मान कर परिवहन विभाग में कर्मशाला के सभी कर्मचारियों को वित्तीय लाभ, एसीपी जारी रखते हुए अपना निर्णय सुनाया है। इस स्टे आॅर्डर के बाद परिवहन विभाग के सभी डिपुओं पर समान रूप से रोक जारी रहेगी तथा कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग में दिए गए वेतनमान की वेतन वृद्धि का लाभ तकनीकी वेतनमान के आधार पर ही जारी किया जाएगा। किरमारा ने कहा कि सरकार द्वारा जब मांगों को मान कर लागू कर दिए जाने के बावजूद इस प्रकार के फैसले लेकर कर्मचारियों को कोर्ट में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को कोई लाभ नहीं मिलता, लेकिन कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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