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Wednesday, February 4, 2026
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    गुजरात और पंजाब के बाद पंचकूला में भी लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत बनेंगे नए सेक्टर

    Land Pooling Policy sachkahoon

    नगर निगम पंचकूला द्वारा पास किया जाएगा प्रस्ताव

    • किसानों के साथ किया जाएगा जमीनों का इकरारनामा

    • सेक्टर 1 से लेकर 24 तक बनाए जाएंगे नए सेक्टर

    सच कहूँ/चरन सिंह,पंचकूला। पंजाब एवं गुजरात के बाद अब पंचकूला में भी लैंड पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy) के तहत नए सेक्टर बनाने के लिए पंचकूला नगर निगम की ओर से प्रस्ताव पास किया जाएगा। मोहाली में लैंड पूलिंग पॉलिसी के चलते ही बड़ी तेजी से विकास हुआ है, जिसका अनुसरण करते हुए अब पंचकूला में भी नए सेक्टर बनाकर डव्ल्पमेंट की जाएगी। 7 मार्च को नगर निगम की बैठक प्रस्तावित है।

    यह पहला मौका होगा, जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के बाद नगर निगम की ओर से सेक्टर डव्ल्प किए जाएगा। पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि नगर निगम अधिनियम 1994 के अधिकारों के अनुसार 42 ए के कलाज 42 (1) अनुसार शहरी क्षेत्र का विकास नगर निगम के अधीन आता है। कोट बिल्ला अर्बन कंपलैक्स (पचंकूला एक्सटेंशन पार्ट 2) का मास्टर प्लान वर्ष 2013 में बना था। जिसमें 1 से 24 सेक्टर बनाये जाने थे, उन सभी सेक्टरों का विकास नगर निगम द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।

    इसके लिए सभी सेक्टरों को मोहाली (गमाडा) की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी करके भूमि मालिकों से जमीन के इकरारनामें किए जाएंगे, ताकि इन सेक्टरों का विकास किया जा सके। क्योंकि कई वर्षों से पंचकूला का विकास केवल 32 सेक्टर तक ही सीमित है। लैंड पूलिंग पॉलिसी के लिए कंसलटेंटस भी नियुक्त किए जाएंगे।

    सड़कों को किया जाएगा विकसित

    मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि प्रस्ताव पास होने के बाद लैंड पूलिग स्कीम (Land Pooling Policy) के तहत जमीनों का इकरारनामा करके सड़कों को विकसित किया जाएगा। पंजाब और गुजरात राज्य में लैंड पूलिंग स्कीम के तहत कई प्रोजेक्ट विकसित किए गए हैं, लेकिन हरियाणा में कभी इस पर गंभीरता से काम नहीं हुआ। इस पॉलिसी के बाद जमीनों की कीमतों में भी काफी उछाल देखने को मिलेगा।

    इस स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित होने पर किसानों एवं जमीन मालिकों को मिलने वाली जमीन की कीमत प्रति वर्ग गज में मिलने का बड़ा फायदा होगा। लैंड पूलिग स्कीम के तहत किसी भी जमीन मालिक को एक एकड़ जमीन के बदले उसी रिहायशी सेक्टर के विकसित होने पर 1000 से 1200 वर्ग गज तक का रिहायशी प्लाट तथा एक कमर्शियल प्लाट (प्लान के हिसाब से) देने का प्रावधान है।

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