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    Asthma Ke Lakshan: सावधान: बदलते मौसम में अस्थमा अटैक का है खतरा, ये हैं शुरूआती लक्षण

    Asthma Ke Lakshan
    Asthma Ke Lakshan: सावधान: बदलते मौसम में अस्थमा अटैक का है खतरा, ये हैं शुरूआती लक्षण

    Asthma Ke Lakshan: आजकल हमारा शरीर बीमारियों का घर बन चुका है, हम अपनी जिंदगी में बहुत सी बीमारियों को नजरंदाज कर देते हैं। हमारे शरीर में बहुत सी बीमारियां होती है, जो बहुत ही खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसी ही एक बीमारी है अस्थमा, जब किसी व्यक्ति को यह बीमारी हो जाती है, तो उसकी श्वास नली में सूजन आ जाती है और सांस लेने में कठिनाइयां होने लगती है। वहीं सर्दियों में इसकी समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि फेफड़ों की सुरक्षा के लिए तरल पदार्थों के कई लेयर होते हैं। दरअसल अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगों को आसानी से हो जाती है, सर्दियों में इसके मामले और ज्यादा आने लगते हैं। अस्थमा के मरीजों में निमोनिया का भी खतरा ज्यादा होता है। कुछ ऐसे संकेत है जो अस्थमा के शुरूआती लक्षण माने जाते हैं और आपको इसे बिल्कुल भी नजरंदाज नहीं करना चाहिए। तो आइए जानते हैं अस्थमा के शुरूआती संकेत…

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    हमेशा थकान रहना: अगर आप कफ और सांस की घरघराहट की वजह से सो नहीं पाते हैं तो यह आपके लिए एक बहुत ही गंभीर समस्या हो सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि ठीक से ना सो पाने की वजह से एनर्जी कम हो जाती है और इसका सीधा असर मस्तिष्क यानी मानसिक रूप से भी पड़ता है। क्रोनिक स्लीपलेसनेस को दिल की बीमारी या फिर डायबिटीज के संकेतों से भी जोड़ कर देखा जाता है। दरअसल सांस की घरघराहट की वजह से थकान महसूस करना अस्थमा का शुरूआती लक्षण हो सकता है।

    सीने में जकड़न होना: सबको ऐसा लगता है कि सीने में जकड़न या दर्द हमेशा दिल की बीमारी के वजह से ही होता है, लेकिन ऐसा नहीं है यह भी अस्थमा का एक मुख्य लक्षण हो सकता है। सीने में जकड़न की वजह से अस्थमा का अटैक आ सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि अस्थमा अटैक की वजह से सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ और कफ का अनुभव होता है। ज्यादातर लोग सीने में जकड़न को हार्ट अटैक समझने की गलती कर लेती है। अगर आपको भी यह समस्या है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें, क्योंकि यह अस्थमा का एक लक्षण हो सकता है।

    तेज तेज सांसें लेना: कुछ लोगों में तेज तेज सांस लेने की वजह को भी अस्थमा का लक्षण माना जाता है। अमेरिका कि क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, व्यक्तियों के सांस लेने के सामान्य दर 12 से 20 सांस प्रति मिनट होती है। अगर आप इससे अधिक तेजी से सांस ले रहे हैं तो आपको हाइपरवेंटिलेशन भी हो सकता है। हाइपरवेंटिलेशन और अस्थमा दोनों अलग-अलग बीमारी है, लेकिन सांस से जुड़े लक्षण की वजह से लोग इसे एक समझ लेते हैं। अगर आपको सांस से जुड़ी कोई भी समस्या दिखाई दे तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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