AC Blast Reason: घर हो या गाड़ी भीषण गर्मी से ऐसी में हो सकता है ब्लास्ट, लगातार ना चलाए

AC Blast Reason
AC Blast Reason: घर हो या गाड़ी भीषण गर्मी से ऐसी में हो सकता है ब्लास्ट, लगातार ना चलाए

AC Blast Reasons in Summer: हिसार, सच कहूँ/संदीप सिंहमार। लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी से बचाव के लिए लोग जहां अपने घरों में पंखे कूलरों का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। वहीं शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए एयर कंडीशन का भी लगातार प्रयोग किया जा रहा है। गर्मी में लगातार चल रहे ऐसी से आग का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर तो ऐसी के कंप्रेसर में धमाके के साथ आगे भी लग चुकी है। चार दिन पहले जहां हरियाणा के हिसार के अस्पताल के एक एयर कंडीशन में धमाके के साथ आग लगी थी तो ऐसी कुछ घटनाएं देश की राजधानी दिल्ली व नोएडा में भी सामने आ चुकी है। इतना ही नहीं कार की ऐसी में भी ब्लास्ट हो सकता है। इसके लिए हमें कुछ सावधानी अपनानी चाहिए,ताकि जानलेवा गर्मी से बचने के लिए जो ऐसी चलाया जा रहा है कहीं वही ऐसी आपकी जान का दुश्मन ना बन जाए।

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ऐसी ट्रिप होने लगे तो ये अलर्ट कर रहा है | AC Blast Reason

गर्मियों में जैसे ही अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है, वैसे ही आग लगने की घटनाएं भी बढ़ने लगती है। जंगल की आज भी इसी में शामिल है। हाल ही में हिमाचल के जंगलों में लगी आग का उदाहरण सबके सामने है। गर्मी बढ़ने पर घरों या कार्यालयों में ऐसी का चलन भी आजकल आम हो गया है। साथ ही एयर कंडीशनर के ट्रिप होने की शिकायतें भी आने लगी हैं। यानी चलते-चलते एसी बंद हो जा रहा है। ऐसे में अगर समय पर सावधानी नहीं बरती गई, तो एसी के का कम्प्रेशर फट सकता है। ऐसी एक्सपर्ट सुरेंद्र के अनुसार एसी को हर एक से दो घंटे में 5 से 10 मिनट के लिए बंद कर देना चाहिए,ताकि कम्प्रेशर को आराम मिल सके।

एसी की आऊटर यूनिट को ओवरहीट होने से बचाए | AC Blast Reason

इन दिनों भीषण गर्मी पड़ने के चलते एसी को ओवरहीटिंग से बचाने की जरूरत है। नहीं तो एसी के फटने की आशंका बढ़ जाती है। अगर आपके एसी का कंप्रेसर छत पर खुले में लगा हुआ है तो उसके ऊपर शेड बनवाना चाहिए, जिससे उसके टेंपरेचर में 5 डिग्री तक का अंतर आ जाएगा। एसी के कंप्रेसर या आउटर यूनिट पर एक मग पानी डालने से भी तापमान कंट्रोल में रह सकता है।

घंटों धूप में खड़ी गाड़ी को स्टार्ट करने से पहले गाड़ी के शीशे खोलने चाहिए

इसके साथ ही अब बात आती है सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों की। पहली बात तो गाड़ी जब सड़कों पर चलती है तो उनका इंजन गर्म होने लगता है। ऐसी स्थिति में गर्मियों में चलने से पहले ही गाड़ी में रेडिएटर में पानी या कूलेंट चेक कर लेना चाहिए। इससे गाड़ी ओवरहीट नहीं होगी और गाड़ी आराम से स्टार्ट हो जाएगी। अन्यथा आजकल गाड़ी हीट पकड़ जाती है,जिस कारण स्टार्टिंग में भी दिक्कत आती है। इतना ही नहीं यदि हीट हुई गाड़ी को सड़क पर दौड़ाएंगे तो आग लगने का खतरा भी बन जाता है।

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गाड़ियों में आग लगने से बचाने के लिए टिप्स | AC Blast Reason

यदि आपकी गाड़ी धूप में खड़ी हो तो स्टार्ट करने से पहले गाड़ी के शीशे खोल एसी,म्यूजिक सिस्टम सहित सभी फीचर को भी बंद कर देना चाहिए,ताकि किसी भी प्रकार की स्पार्किंग ना हो। अगर एसी ऑन होने के बाद भी गाड़ी ठंडी न हो रही हो तो गाड़ी को तुरंत मैकेनिक से चेक करवाना चाहिए। नई गाड़ियों में ऑटो मार्केट से कोई भी नया इलेक्ट्रिक डिवाइस नहीं लगवाना चाहिए। इससे गाड़ी का एसीएम खराब हो सकता है।

अप्रूव्ड सेंटर से ही लगवाए किट

गाड़ी में सीएनजी सिस्टम फिट कराने के लिए गवर्नमेंट अप्रूव्ड सेंटर पर ही जाना चाहिए। यहां से सीएनजी फिट कराने पर आरसी में इसकी जानकारी जोड़ दी जाती है, जबकि बाहर मार्केट से फिट कराने पर ऐसा नहीं होता। दूसरा मार्केट में गाड़ी की कपैसिटी को ध्यान में रखे बिना सीएनजी किट लगा दी जाती है,जिसमें आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी गाड़ियों में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होते ही आग लग सकती है। इसके अलावा गाड़ी की सर्विस समय-समय पर जरूर करवानी चाहिए।

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वायरिंग से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए

इन दिनों में गाड़ियों में आग लगने से बचाने के लिए कई एहतियात बरतने की जरूरत है। उन गाड़ियों में आग लगने की सबसे ज्यादा आशंका है, जिन गाड़ियों में बाजारों से कोई डिवाइस या पार्ट लगाया गया है या फिर गाड़ी घंटों धूप में खड़ी होती हो। इससे गाड़ी ओवरहीट हो जाती है। इसलिए धूप में खड़ी गाड़ी को सीधे स्टार्ट नहीं करना चाहिए। वहीं, मार्केट से गाड़ी में कोई डिवाइस लगवाते समय कई बार वायरिंग से छेड़छाड़ हो जाती है,जिससे नई गाड़ियों में भी आग लग जाती है। इसलिए गाड़ियों में वायरिंग का काम संबंधित एजेंसी से ही करवाना चाहिए।

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