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Saturday, February 28, 2026
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    Bhakra Canal: भाखड़ा नहर की पटरी टूटी, 300 एकड़ फसल जलमग्न

    Bhuna News
    Bhuna News: गोरखपुर के खेतों में जलभराव, दरार को पाटते मनरेगा श्रमिक।

    गोरखपुर की 60 ढाणियां बनीं टापू, ग्रामीणों ने बिताई खौफ में रात

    भूना (सच कहूँ/संगीता रानी)। Bhakra Canal: गांव गोरखपुर में शनिवार देर रात सिधमुख भाखड़ा नहर की पटरी टूटने से भारी नुकसान हुआ। डूम्मा पुल के पास करीब 40 फुट चौड़ी दरार आने के बाद नहर का पानी तेजी से खेतों में भर गया। लगभग 300 एकड़ में खड़ी धान और नरमा की फसल जलमग्न हो गई, जबकि करीब 60 ढाणियां चारों ओर से पानी में घिरकर टापू बन गईं। ग्रामीणों ने पूरी रात डर और चिंता में गुजारी। Bhuna News

    नहर टूटने की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच डॉ. मनदीप योगी मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार खिचड़ और एसडीओ सुभाष सोनी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बलियाला हेड से पानी का बहाव बंद करवाया और काजल हेड पर बंद माइनरों के पट्टे खोल दिए, ताकि पानी का फैलाव रोका जा सके।

    रात को ही कार्यकारी अभियंता श्याम ढींगड़ा भी मौके पर पहुंचे। रविवार सुबह से 140 मनरेगा मजदूरों, 2 जेसीबी, 1 पोकलेन और 10 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से दरार को भरने का कार्य शुरू हुआ। दोपहर 3 बजे तक पानी के बहाव को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया। जब तक पानी रोका गया, तब तक कई एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी थी। ढाणियों में रहने वाले लोग अपने ही घरों में कैद हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि ढाणियां टापू जैसी बन गई हैं और बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बीटी पंपों की मदद से पानी निकालने का कार्य जारी है।

    किसानों का आरोप: हर बार टूटती है नहर | Bhuna News

    गोरखपुर के किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। धनराज शर्मा, आजाद सिंह, ओमप्रकाश सिवाच, रतन सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि डूम्मा पुल के पास की 5 किमी पटरी जर्जर हो चुकी है और पिछले वर्षों में पांच बार टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।

    मुआवजे की मांग और आंदोलन की चेतावनी

    किसानों ने प्रशासन से तुरंत गिरदावरी करवा कर नुकसान की भरपाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने कहा कि उनकी सालभर की मेहनत फिर पानी में बह गई है, और वे खाली हाथ नहीं लौटेंगे।

    एसडीओ सुभाष सोनी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। दरार को अस्थायी रूप से भर दिया गया है और स्थायी मरम्मत के लिए विभागीय कार्यवाही शुरू की जा रही है। Bhuna News

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