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    भारी तादाद में राजस्थान की साध-संगत कल बुधरवाली में मनाएगी पावन भंडारा

    डेरा सच्चा सौदा रूहानी स्थापना माह को लेकर साध-संगत में भारी उत्साह

    सादुलशहर (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा रूहानी स्थापना माह के उपलक्ष्य में मौजपुर धाम बुधरवाली में कल रविवार 17 अप्रैल को राजस्थान की साध-संगत हर्षोल्लास और धूमधाम से पावन भंडारा मना रही है। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होने वाली नामचर्चा में भारी तादाद में साध-संगत शिरकत करेगी। नामचर्चा को लेकर साध-संगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से मानवता भलाई के 138 कार्यों को तीव्र गति दी जाएगी। एक ओर जहां जरूरतमंदों को एक-एक माह का राशन दिया जाएगा। वहीं गर्मियों के मौसम के मद्देनजर पक्षियों के लिए परिंडे वितरित किए जाएंगे।

    पावन भंडारे की नामचर्चा को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण

    जिम्मेवार सेवादार सोहन लाल इन्सां ने बताया कि पावन भंडारे को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। नामचर्चा पंडाल को भव्य रूप से सजाया गया है। इसके साथ ही एक विशाल स्टेज तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि भंडारे में लिए साध-संगत में बड़ा उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस भंडारे में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, और चूरू सहित विभिन्न जिलों से साध-संगत में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। साध-संगत द्वारा बुधरवाली आश्रम में आने के लिए सैकड़ों बसों की बुकिंग की जा चुकी है और ये क्रम निरंतर जारी है।

    भयंकर गर्मी को देखते हुए शुद्ध पेयजल सहित विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नामचर्चा में भारी संख्या में साध-संगत के आगमन को देखते हुए लंगर, पेयजल और ट्रैफिक सहित सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। पावन भंडारे के इंतजामों को अंतिम रूप देते हुए अलग अलग समितियों के सेवादारों ने अपनी ड्यूटी  संभाल ली है। भंडारे के दौरान बड़ी-बड़ी प्लाज्मा स्क्रीनों द्वारा पूज्य गुरूजी के पावन वचन श्रवण किए जाएंगे। इस मौके पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से जरूरतमंद परिवारों की मदद करके मानवता भलाई के कार्य भी किए जाएंगे।

    29 अप्रैल सन् 1948 को पूज्य बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने की थी डेरा सच्चा सौदा की स्थापना

    गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा की पहली पातशाही पूज्य बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने 29 अप्रैल सन् 1948 में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी। आप जी ने लोगों को गुरुमंत्र देकर मानवता भलाई के कार्यों पर चलने का रास्ता बताया। दूसरी पातशाही पूज्य परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने हजारों सत्संग किए और लाखों लोगों को गुरमंत्र देकर इंसानियत की राह पर चलाया। अब पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु 138 मानवता भलाई कार्यो में जुटे हुए हैं। जिनमें  29 अप्रैल 2007 को पूज्य गुरु जी ने रूहानी जाम की शुरूआत कर मर रही इंसानियत को जिंदा करने का बीड़ा उठाया। 138 मानवता भलाई कार्यो में रक्तदान, शरीर दान, गुर्दा दान, पौधारोपण, गरीबों को मकान बनाकर देना, गरीब कन्याओं की शादी करवाना, राशन वितरण, नेत्रदान, लोगों का नशा छुड़वाना, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का निशुल्क इलाज करवाना, निशक्त जनों को सहारा देने के लिए ट्राई साइकिल देना सहित अनेक कार्य शामिल है। पूज्य गुरू जी ने 29 अप्रैल 2007 को रूहानी जाम की शुरूआत कर मर चुकी इंसानियत को जिंदा करने का बीड़ा उठाया।

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