IAS Exam Result 2025: बीकानेर। संघ लोक सेवा आयोग नई, दिल्ली द्वारा आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा के घोषित मुख्य परिणाम में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूसीईटी) के पूर्व विद्यार्थी सौरभ राय राठौड़ का भारतीय प्रशासनिक सेवा में अंतिम रूप से 871वीं रैंक के साथ चयन हुआ हैं। बीटीयू जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया की वर्तमान में सौरभ राय भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं और नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी-देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे हैं। Bikaner News
सौरभ मूलतः पाली जिले के शिवतलाव गांव के रहने वाले हैं। सौरभ के पिता लखमन राय राठौड़ उदयपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। वर्ष 2023 में सौरभ राय का भारतीय वन सेवा में भी चयन हुआ था। बीटेक स्नातक और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के विद्यार्थी सौरभ अध्ययन काल से ही मेधावी और प्रतिभावान रहे हैं। सौरभ ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों के बल पर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
सिविल सर्विस समाज सेवा का एक मज़बूत ज़रिया है: प्रो. अखिल रंजन गर्ग, वाइस चांसलर
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो.अखिल रंजन गर्ग ने सौरभ राय को शुभकामनाए प्रदान करते हुए कहा कि सिविल सेवा केवल एक करियर विकल्प ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। सिविल सेवा का करियर युवाओं को व्यापक दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का अवसर देता है। बीटीयू का प्रयास है कि हम रोजगार नियोजन की दिशा में और मजबूती के साथ काम कर ऐसे प्रतिभावान विद्यार्थियों के सशक्तिकरण और उन्नति के पुरजोर प्रयास करेंगे। यूसीईटी प्राचार्य डॉ परबंत सिंह संधू ने कहा कि सौरभ की सफलता से अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। सिविल सेवा में आने के लिए युवाओं में अनुशासन, समर्पण, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच का होना अत्यंत आवश्यक है।
सौरभ राय ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा विश्वविद्यालय के अनुकूल शैक्षणिक वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अध्ययनकाल में विश्वविद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके प्रति समर्पण के साथ लगातार प्रयास किया जाए तो कोई भी उपलब्धि असंभव नहीं होती। Bikaner News















