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    बिक्रम मजीठिया रहेंगे 7 दिनों के रिमांड पर, 540 करोड़ को लेकर होगी पूछताछ

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    Chandigarh News: बिक्रम मजीठिया रहेंगे 7 दिनों के रिमांड पर, 540 करोड़ को लेकर होगी पूछताछ

    मजीठिया के वकीलों की एक नहीं चली, रिमांड नहीं देने की करते रहे मांग

    • विजीलैंस ने लगाए गंभीर आरोप, करोड़ों के लेन-देन संबंधी हासिल करनी है जानकारी | Chandigarh News

    चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: शिरोमणी अकाली दल के नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया को मोहाली की जिला अदालत ने 7 दिनों के रिमांड भेज दिया है। विजीलैंस ने ताजा दर्ज हुई ेफआईआर में बिक्रम मजीठिया का 12 दिन का रिमांड मांगा था, क्योंकि 540 करोड़ व 4 से 5 कम्पनियों से जुड़े होने के चलते पूछताछ काफी लम्बी चलेगी चलनी है लेकिन मोहाली जिला अदालत ने 12 दिन की जगह 7 दिनों का रिमांड दिया है। वहीं मजीठिया के वकीलों ने तीखी बहस करते हुए पंजाब विजीलैंस के केस को ही गलत करार देते हुए रिमांड नहीं दिए जाने की मांग की थी लेकिन अदालत ने मजीठिया के वकीलों की इस मांग को ठुकरा दिया। Chandigarh News

    अब इस मामले में 2 जुलाई को आगामी सुनवाई होगी व उस समय तक बिक्ररम मजीठिया को मोहाली के विजीलैंस कार्यालय में रखा जाएगा। इस दौरान विजीलैंस के कई बड़े अधिकारी भी मजीठिया से पूछताछ में शामिल हो सकते हैं।जानकारी के अनुसार बिक्ररम मजीठिया के खिलाफ मोहाली विजीलैंस ने मामला दर्ज करते हुए आरोप लगाए हैं कि मजीठिया ने शिअद की 2007 से 2017 वाली सरकार दौरान काफी ज्यादा गड़बड़ी करते हुए 540 करोड़ रुपये का लेन-देन अपनी कई कम्पनियोंं के माध्यम से किया है। इन कंपनियों को भी 2009 में रजिस्टर्ड करवाया गया था। विजीलैंस को आमदन टैक्स रिटर्न व कम्पनी के कई दस्तावेज में बड़ा अंतर नजर आया, तो विदेशी कम्पनियां द्वारा भारत में पैसे लेकर आने की कोशिश भी हुई है। Chandigarh News

    साईप्रस से 141 करोड़ के लेनदेन में काफी ज्यादा शक जाहर किया जा रहा है। साईप्रस की एक विदेशी कम्पनी ने मजीठिया की कम्पनी में 35 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे लेकिन बाद में इन शेयर को वापिस 3.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इसी तरह कई और कंपनियों में भी हेर फेर किया गया है। वहीं मजीठिया ने अपनी आदमन काफी ज्यादा कम दिखाई है, जबकि कम्पनियों में लेन देन काफी ज्यादा किया है। मजीठिया जिस विभाग के कैबिनेट मंत्री थे, उसी विभाग से फायदा लेने के लिए कम्पनियां नहीं बना सकदे थे। इसी तरह के काफी तथ्य हैं, जिनकी जांच करने के लिए मजीठिया का 7 दिन का रिमांड विजीलैंस को मिला है।

    सरकार अपनी ताकत का रही गलत इस्तेमाल: अर्शदीप कलेर

    बिक्रम मजीठिया की तरफ से अदालत में पेश हुए वकीलों ने बताया कि अब तक सरकार यह दावा करती आ रही थी कि यह कार्रवाई नशे के विरुद्ध है, जबकि अदालत में आमदन से अधिक जायदाद के तहत एफआईआर में बिकरम मजीठिया को पेश किया है। उन्होंने कहा कि पुरानी एफआईआर में एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच की थी ताकि मजीठिया की जमानत रद्द की जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया था। इसी कारण यह नया मामला दर्ज किया गया है, जबकि आमदन से अधिक जायदाद बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि पहले सवालों की एक लिस्ट देनी होती है, लेकिन यहां सीधा ही गिरफ्तार कर लिया गया है। Chandigarh News

    वकील अर्शदीप कलेर ने कहा कि एसआईटी की सुप्रीम कोर्ट में खारिज रिपोर्ट को आधार बनाकर यह एफआईआर दर्ज की गई है। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उल्लंघना है। उन्होंने कहा कि मजीठिया का इन कम्पनियों से कोई लेनादेना नहीं है, वहीं सभी कंपनियों को केन्द्र सरकार से लाईसैंस मिला हुआ है। पंजाब सरकार सिर्फ झूठ का एक पुलिंदा तैयार करते हुए बिक्रम मजीठिया को परेशान करते हुए जुबान बन्द करवाने की कोशिश कर रही है।

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