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    हजरतपुर की आयुध फैक्ट्री मे सु-30 लड़ाकू विमान के ब्रेक पैराशूट बनेंगे

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    Firozabad News: हजरतपुर की आयुध फैक्ट्री मे सु-30 लड़ाकू विमान के ब्रेक पैराशूट बनेंगे

    अब तक भारत को ऐसे विशेष एयरोस्पेस घटकों के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता था

    फ़िरोजाबाद (सच कहूँ/विकास पालीवाल)। Firozabad News: जिले के ओईएफ हजरतपुर को डीआरडीओ के द्वारा लड़ाकू विमान सुखोई – 30 ब्रेक पैराशूट के लिए टेक्नोलॉजी ऑफ ट्रांसफर, बेंगलुरु में आयोजित एरो इंडिया – 2025, जो विश्व के प्रमुख एयरोस्पेस और रक्षा प्रदर्शनों में से एक है, में वैश्विक रक्षा कंपनियों, स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं ने अपनी नवीनतम अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। यह प्रतिष्ठित आयोजन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रक्षा निर्माण में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘ मेक इन इंडिया ’ अभियानों को बल मिला। Firozabad News

    इस अवसर पर आयुध उपकरण निर्माणी हजरतपुर, जो कि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम का एक अंग है, को सुखोई – 30 ब्रेक पैराशूट के स्वदेशी निर्माण हेतु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) प्रदान किया गया। यह टीओटी रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ द्वारा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कमथ की उपस्थिति में ओईएफ हजरतपुर के महाप्रबंधक अमित सिंह को सौंपा गया। यह उपलब्धि भारत के रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। Firozabad News

    ब्रेक पैराशूट है लड़ाकू विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एक अनिवार्य प्रणाली _

    ब्रेक पैराशूट एक महत्वपूर्ण एयरोडायनामिक उपकरण है, जिसका उपयोग लड़ाकू विमानों, विशेष रूप से सुखोई – 30 में लैंडिंग के दौरान तेजी से रुकने के लिए किया जाता है। यह छोटे या गीले रनवे पर उतरते समय अत्यधिक प्रभावी होता है, क्योंकि यह विमान के ब्रेकिंग सिस्टम पर दबाव को कम करता है और ऑपरेशनल सुरक्षा को बढ़ाता है। ब्रेक पैराशूट के उपयोग से स्किडिंग (फिसलने) की संभावना कम होती है और लैंडिंग गियर की दीर्घायु सुनिश्चित होती है।

    स्वदेशी रक्षा उत्पादन में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अब तक भारत को ऐसे विशेष एयरोस्पेस घटकों के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता था। इस प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से ओईएफ हजरतपुर अब भारत में ही सु-30 ब्रेक पैराशूट का निर्माण करेगा, जिससे लागत में कमी आएगी और भारतीय वायुसेना के लिए इन महत्वपूर्ण उपकरणों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हजरतपुर की यह उपलब्धि भारत की रक्षा निर्माण क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में स्थापित हुई है। Firozabad News

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