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    Kisan Career: पशु चिकित्सा में करियर का सुनहरा भविष्य

    Kisan Career
    Kisan Career: पशु चिकित्सा में करियर का सुनहरा भविष्य

    Kisan Career: भारत की अधिकतर आबादी गांवों में निवास करती है, जहां खेती और दुग्ध उत्पादन मुख्य व्यवसाय हैं। इसके अलावा, पशु आधारित छोटे-छोटे कारोबार भी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च नस्ल की गाय, भैंस और बकरी पालकर दुग्ध उत्पादन के माध्यम से अच्छा लाभ कमाया जाता है। यदि आप पशुओं से प्रेम करते हैं और उनके साथ समय बिताना पसंद करते हैं, तो पशु चिकित्सा में करियर आपके लिए एक शानदार अवसर हो सकता है।

    पशु चिकित्सा क्या है?

    पशु चिकित्सा एक वैज्ञानिक शाखा है, जो पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, रोगों की पहचान, उपचार और उनकी देखभाल से संबंधित है। इसमें छोटे पालतू जानवरों से लेकर बड़े पशुओं और वन्यजीवों तक की चिकित्सा शामिल होती है। यह क्षेत्र न केवल पशुओं के कल्याण को सुनिश्चित करता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ उनके संबंध को भी मजबूत करता है।

    आवश्यक योग्यता | Kisan Career

    पशु चिकित्सा में करियर बनाने के लिए उम्मीदवार को 10+2 में जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के साथ न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। देश के विभिन्न पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों और संस्थानों द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षाओं, जैसे ठएएळ या राज्य-स्तरीय परीक्षाओं, के माध्यम से इस क्षेत्र में प्रवेश प्राप्त किया जा सकता है।

    उपलब्ध कोर्स

    पशु चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डिप्लोमा स्तर के विभिन्न कोर्स उपलब्ध हैं।

    ग्रेजुएट स्तरीय कोर्स

    • बैचलर आॅफ वेटरनरी साइंस: पशु चिकित्सा और पशुपालन में स्नातक डिग्री।
    • बैचलर डिग्री इन वेटरनरी पैथोलॉजी: पशुओं के रोगों की पहचान और निदान।
    • बैचलर डिग्री इन एनिमल न्यूट्रिशन: पशुओं के पोषण और आहार प्रबंधन।
    • बैचलर डिग्री इन एनिमल जेनेटिक्स एंड ब्रीडिंग: पशुओं की नस्ल सुधार और आनुवंशिकी।
    • बैचलर डिग्री इन वेटरनरी माइक्रोबायोलॉजी: पशुओं में सूक्ष्मजीवों और रोगों का अध्ययन।

    पोस्ट ग्रेजुएट स्तरीय कोर्स | Kisan Career

    • मास्टर आॅफ वेटरनरी साइंस: पशु चिकित्सा में विशेषज्ञता।
    • मास्टर डिग्री इन सर्जरी एंड रेडियोलॉजी: पशुओं की सर्जरी और इमेजिंग तकनीक।
    • मास्टर डिग्री इन फामार्कोलॉजी एंड टॉक्सीकोलॉजी: औषधियों और विषविज्ञान का अध्ययन।

    डिप्लोमा कोर्स

    • वेटरनरी फार्मेसी डिप्लोमा: पशुओं के लिए औषधि प्रबंधन।
    • लैब टेक्नीशियन: प्रयोगशाला आधारित कार्य।
    • वेटरनरी असिस्टेंट: पशु चिकित्सकों की सहायता।

    करियर के अवसर

    चिकित्सा के क्षेत्र में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। डेयरी अनुसंधान संस्थानों में पशु चिकित्सकों की भारी मांग है। इसके अलावा, वेटरनरी रिसर्च लैब में शोध कार्य के अवसर, फार्मास्यूटिकल कंपनियों, पशु अनुसंधान केंद्रों, चिड़ियाघरों और राष्ट्रीय उद्यानों में भी रोजगार के अवसर हैं। पशु चिकित्सक निजी तौर पर पशु क्लीनिक भी संचालित कर सकते हैं।

    आय की संभावनाएं

    पशु चिकित्सक के रूप में करियर की शुरूआत में सरकारी और निजी क्षेत्र में अच्छी आय प्राप्त होती है। स्नातक स्तर के पशु चिकित्सकों को प्रति माह 40,000 से 60,000 रुपये आसानी से मिल सकते हैं। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएट और विशेषज्ञ सर्जन सालाना 17 से 20 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। अनुभव और विशेषज्ञता के साथ आय में और वृद्धि संभव है।

    भविष्य की राहें

    डेयरी क्षेत्र का विस्तार: शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उद्योग का तेजी से विकास हो रहा है, जिसके कारण पशु चिकित्सकों की मांग बढ़ रही है।

    पशुओं के प्रति बढ़ता प्रेम: पालतू जानवरों के प्रति लोगों का बढ़ता लगाव निजी पशु चिकित्सा सेवाओं की मांग को बढ़ा रहा है।

    उज्ज्वल भविष्य: यह क्षेत्र उन लोगों के लिए बेहद आशाजनक है जो पशु चिकित्सा में करियर बनाना चाहते हैं।

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