आखिर पुलिस प्रशासन का क्यों नहीं जा रहा है इस पर ध्यान
फिरोजाबाद । परिवहन निगम, पुलिस की अनदेखी से शिकोहाबाद शहर में दिन प्रतिदिन पटाखा बुलेट बाइकों की संख्या बढ़ती जा रही है। शौकीन लोग बुलेट बाइक के साइलेंसर से पटाखा फोड़ते हुए गुजरते हैं। साइलेंसर की तेज आवाज न सिर्फ दिल के मरीजों के लिए घातक होती है, वहीं आम लोगों के कान के पर्दे तक हिला देती है। बावजूद इसके पुलिस ऐसे बाइक चालकों पर कार्रवाई नहीं कर रही। जबकि कुछ वर्ष पूर्व पुलिस की कार्यवाही से ये पटाखा गोली की आवाज जैसी बाईकों पर लगाम लगी थी। तत्कालीन थाना प्रभारी ने इन पर नकेल कसने का काम किया था । लेकिन बाद में फिर से नगर शिकोहाबाद में ऐसी बाईकों की तादाद बढ़ गई है। प्रशासन को बुलेट के साइलेंसर में मॉडिफाई कराने वालों पर कार्यवाही कर ऐसी बाईकों पर चलन की कार्यवाही करने की जरूरत है। Kairana News
बताया जाता है कि आबादी क्षेत्र में 55 डेसिबल तक की ध्वनि को सामान्य माना जाता है, लेकिन कई युवा शौक के लिए अपने वाहन के साइलेंसर में बदलाव करवाते हैं, जिससे 100 डेसिबल से भी ज्यादा आवाज निकलती है, जो दिल के साथ ही कानों के लिए भी घातक होती है। तेज आवाज कमजोर दिल वालों के लिए तो घातक है तथा बाजार में कभी-कभी सामान्य व्यक्ति भी पटाखा बुलेट की आवाज से घबरा जाता है। विभिन्न स्थानों के अलावा अन्य भीड़भाड़ वाली सड़कों पर बुलेट सवार युवक पटाखे की आवाज निकालते हुए अपनी बाईकों को तेज गति में ले जाते देखा जा सकता है। पांच साल पहले तत्कालीन थाना प्रभारी शिकोहाबाद भानुप्रताप सिंह ने ऐसी बाईकों पर लगाम लगाने का काम किया था । कई बाईकों को सीज करते हुए ऐसे चालकों पर कार्यवाही की थी। Kairana News















