Communal speech

सांप्रदायिक भाषण: जहर घोलने का मौसम

लोकतंत्र हितों का टकराव है और इस पर तीखे, धुंआधार चुनावी मौसम में सिद्धान्तों की प्रतिस्पर्धा का आवरण चढ़ा दिया गया है। यह हमारे नेताओं के झूठ का पदार्फाश करता है। वे एक दूसरे के विरुद्ध आरोप-प्रत्यारोप, धमकी और विष वमन कर रहे हैं और चुनाव के लिए जरूरी है कि जाति और संप्रदाय का […]
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