संस्कृति एवं समाज
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बाल विवाह के खिलाफ सिरसा की बेटियों ने संभाली कमान, बनेगी कमांडर
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By Gurvinder
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सरसा में चल रहे अभियान को अब बेटियों की नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जा रहा है। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे बाल आजादी अभियान के तहत जिले की किसी एक योग्य बेटी को बाल विवाह मुक्त सरसा अभियान की ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा।
संस्कृति: बचपन का ये खेल अब बना ‘गुलस्टिक’, जानें कैसे बना?
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने पुरातन खेल गुल्ली-डंडा को आधुनिकता के रंग में रंगते हुए नये नियमों के साथ नया खेल ‘गुलस्टिक’ इजाद किया। यह नया खेल बेसबॉल, क्रिकेट और गुल्ली डंडा के मिश्रण का रूप है।
Gen Z and the elderly: आधुनिकता की चकाचौंध में कहीं खो गए पुराने जमाने के पहरेदार! गूगल हावी हुआ
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By Manmohan
कभी मोहल्ले के बुजुर्ग बच्चों की निगरानी और मार्गदर्शन करते थे। बदलती जीवनशैली, निजता और आधुनिकता के दौर में पड़ोस की वह आत्मीयता क्यों कम होती जा रही है?
Kanwar Yatra: यमुनानगर में आस्था, सेवा और पारिवारिक समर्पण का अनूठा दृश्य, पोते और दोहते ने पेश की श्रवण कुमार की मिसाल
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By Manmohan
यमुनानगर (हि.स.)। सावन मास की कांवड़ यात्रा के दौरान हरियाणा के यमुनानगर में भक्ति, सेवा और पारिवारिक संस्कार का एक प्रेरक दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया। पंजाब के दो युवकों ने अपनी 102 वर्षीय दादी को विशेष रूप से तैयार पालकी में बैठाकर हरिद्वार के दर्शन कराए। अब दोनों युवक हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर लगभग 300 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए पालकी को अपने कंधों पर उठाकर घर की ओर लौट रहे हैं। यात्रा में बुजुर्ग महिला के साथ उनके पोते सिमरन और 17 वर्षीय दोहते विराट शामिल हैं। जब यह अनोखी यात्रा यमुनानगर के कलानौर क्षेत्र से गुजरी तो पालकी को देखकर श्रद्धालु और राहगीर भावुक हो उठे। कई लोगों ने रुककर युवकों के सेवा भाव की सराहना की और 102 वर्षीय महिला से आशीर्वाद प्राप्त किया। सुनहरी देवी ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें हरिद्वार जाकर गंगा दर्शन और पूजा-अर्चना का अवसर मिलेगा। उन्होंने अपने पोते और दोहते की सेवा भावना पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि हर परिवार में ऐसे संस्कारी और समर्पित बच्चे होने चाहिए। पोते सिमरन ने बताया कि परिवार के बड़े-बुजुर्गों की लंबे समय से इच्छा थी कि उनकी दादी को श्रवण कुमार की परंपरा की तरह पालकी में बैठाकर हरिद्वार ले जाया जाए। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की। गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के बाद अब वे गंगाजल लेकर अपने गृह नगर की ओर लौट रहे हैं। यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए विशेष डिजाइन की गई पालकी का उपयोग किया गया, जिससे बुजुर्ग महिला को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रास्ते भर श्रद्धालु इस सेवा यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। यमुनानगर में भी यह दृश्य पारिवारिक मूल्यों, बुजुर्गों के सम्मान और सेवा की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।
Sawan Festival: मीठी तो कर दे री मां कोथली, आया सै सामण का त्यौहार...
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By Manmohan
सावन में हरियाणा की कोथली परंपरा आज भी रिश्तों की मिठास बनाए हुए है। जानिए तीज, सिंधारा, नवविवाहिताओं की पहली कोथली और विश्वप्रसिद्ध पूंडरी की फिरनी का इतिहास।
An Inspiring Family Story: रिश्तों में मिठास! एक छोटे बदलाव ने बदल दिए पूरे परिवार के रिश्ते
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By Manmohan
जानिए कैसे एक सास ने अपनी बहू की भावनाओं को समझकर परिवार के रिश्तों में नई मिठास घोल दी। पढ़ें भावनात्मक और प्रेरणादायक पारिवारिक कहानी।
Haridwar News: इन दो श्रवण कुमारों की कांवड़ यात्रा बनी चर्चा का विषय, समाज के लिए प्रेरणादायक मिसाल
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By Manmohan
हरिद्वार से दो भाइयों ने अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर बागपत के लिए यात्रा शुरू की। उनकी सेवा-भावना और संस्कारों की इस अनूठी मिसाल की हर ओर सराहना हो रही है।
Paid Tribute: श्री जलालआणा साहिब की सचखंडवासी शरणप्रीत इन्सां को भावभीनी श्रद्धांजलि
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By Manmohan
गांव श्री जलालआणा साहिब निवासी प्रेमी गुरसेवक सिंह इन्सां की बेटी सचखंडवासी शरणप्रीत कौर इन्सां के नमित बीते दिवस एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र मौज-मस्त पुरा धाम में नामचर्चा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। नामचर्चा में ब्लॉक श्री जलालआणा साहिब के अलावा ब्लॉक चोरमार, देसूजोधा, दारेवाला से बड़ी संख्या में साध संगत व सच्चे नम्र सेवादार तथा गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Widow Remarriage Act: 16 जुलाई स्पेशल, जब विधवा पुनर्विवाह अधिनियम ने बदली समाज की सोच
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By Manmohan
भारतीय समाज सुधार के इतिहास में 16 जुलाई का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 1856 में इसी दिन हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम लागू हुआ, जिसके बाद पहली बार हिंदू समाज, विशेषकर ऊंची जातियों की विधवाओं को दोबारा विवाह करने का कानूनी अधिकार मिला। यह कानून भारतीय समाज में महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ।
Uttarakhand News: उत्तराखंड में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता 'हरेला'!
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By Manmohan
उत्तराखंड अपनी समृद्ध लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और प्रकृति से गहरे जुड़ाव के लिए जाना जाता है। राज्य के पारंपरिक त्योहार केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश भी देते हैं।
Jammu Kashmir News: सोमनाथ के लिए पहली विशेष ट्रेन रवाना, श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
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By Manmohan
जम्मू-कश्मीर से पहली बार आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026' का शुभारंभ सोमवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। प्रदेश के परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने जम्मू रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
विश्व रक्तदाता दिवस विशेष: ‘ट्रयू ब्लड पंप’ देश-दुनिया में जगाए हुए हैं जिंदगी की मशाल
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By Sarvesh Kumar
विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) पर जब पूरी दुनिया स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मान दे रही है