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Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं... इस संसार में कौन लोग भाग्यशाली होते हैं!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस संसार में वो लोग भाग्यशाली हैं, जो संतों की बात सुनकर उस पर अमल कर लिया करते हैं। आज मनमते लोग अपने-अपने काम-धंधों में लगे हुए हैं और अपनी ही वजह से दु:खी हैं। दूसरों को दोष देना सही नहीं है।
Anmol Vachan: ये काम करने से आपके जन्मों-जन्मों के पाप, मालिक खत्म कर सकते हैं!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि बार-बार गलती करना शैतानियत का काम है, पशुपन है। आप से कोई भूल हो गई, गलत सोच दिमाग में आ जाए तो सुमिरन करो भक्ति करो, वचनों में अगर पहली बार गलती हुई है तो साध-संगत के सामने बेझिझक माफी लें।
Anmol Vachan: गुरु-संत गम, दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियों से मुक्ति का रास्ता बताने वाले गाईड होते हैं
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर उन्हें कहा जाता है जो इन्सान को सच से जोड़ देते हैं, मालिक का पैगाम जन-जन तक पहुंचाते हैं, उस प्रभु के संदेश की चर्चा करते रहते हैं, जिससे आत्मा, परमपिता परमात्मा से मिल जाए।
Anmol Vachan: आत्मबल, रूहानी शक्ति पाने के लिए एक ही जगह है!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि एक राम-नाम ही ऐसी ताकत है, जिसका जाप करने से इन्सान के अंदर आत्मबल आता है, जिसके द्वारा इन्सान बड़े से बड़े काम में भी परेशान नहीं होता।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं... खुशियों से मालामाल होने का जबरदस्त तरीका!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि दूसरों की गलतियां देखने की बजाय इन्सान को अपने अंदर निगाह जरूर मारनी चाहिए। इन्सान दूसरों की तरफ तो हर समय निगाह मारता है और उनकी गलतियां देखता है, जबकि उसे चाहिए कि वह अपने अंदर निगाह मारकर देखे। अगर इन्सान दूसरों की बुराई करने की बजाय अपने बुरे विचारों को त्याग दे, तो मालिक जरूर उसे खुशियों से मालामाल कर देता है।
Anmol Vachan: जब आप ये 'काम' करते हैं तो मालिक आपका भला जरूर करता है
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By Manmohan
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि खुद की वो बुरी आदतें, परेशानियां इस जन्म की हो सकती हैं, जन्म-जन्म के पाप-कर्म की हो सकती हैं। इन परेशानियों से अगर इन्सान बचना चाहे, तो वह अपने आत्म-विश्वास को बुलंद करे। आत्मविश्वास अगर आपके अंदर है, तो आप अपने अंदर की तमाम बुरी आदतों, परेशानियों को पल में दूर कर सकते हैं।
Anmol Vachan: अपनी हर जायज मांग पूरी करने के लिए ये काम करना जरुरी!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को सुमिरन के लिए टाईम-पीरियड फिक्स करना चाहिए। आमतौर पर लोग बड़ी जल्दबाजी करते हैं कि पांच-सात दिन सुमिरन करुंगा और मुझे ये मिल जाए, वो मिल जाए। जबकि आप यह सोचें कि मैंने ताउम्र सुमिरन करना है, तो मालिक आपकी जायज मांग सुनते भी रहेंगे और पूरी भी करते रहेंगे।
Anmol Vachan: ''जिसके अंदर 'मैं' आ जाती है उसके अंदर 'गिरावट' शुरू हो जाती है''
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पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान उस परमपिता परमात्मा का जितना शुक्राना करे उतना कम है। अपनी जड़ों को कभी न भूलो। जो यह याद रखता है कि वो तो कुछ भी नहीं था, लेकिन परमपिता परमात्मा ने उसे क्या से क्या बना दिया और हमेशा बनता ही चला जाता है, कभी उसमें गिरावट नहीं आती।
Anmol Vachan: आत्मा को बलवान बनाने और मन को दबाने के लिए करें ये काम!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि राम का नाम जपने से आत्मा बलवान होती है और मन दबता चला जाता है। अगर आप सुमिरन करने का नियम नहीं रखते, सुबह-शाम मालिक को नियमानुसार याद नहीं करते तो आपके मन के विचार आप पर हमेशा हावी रहेंगे। आप जी फरमाते हैं कि इन्सान के अंदर जो बुरे विचार आते हैं, वो सब मन की देन हैं और जो अच्छे विचार आते हैं, वो आत्मिक विचार हैं।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी ने फ़रमाया...सुख-शांति पाने के लिए ये काम जरुरी!
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि अगर इस कलियुगी संसार में जीव सुख-शांति प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए इन्सान के अंदर आत्मविश्वास होना जरूरी है। जिस इन्सान में आत्मविश्वास होता है, वही बुलंदियों को छू सकता है और ये आत्मविश्वास किसी पैसे, कपड़े-लत्ते, मां-बाप या टीचर-मास्टर, लेक्चरार की शिक्षा से हासिल नहीं हो सकता।
Anmol Vachan: वो नजारे, वो लज्जत, वो खुशियां चाहते हैं, जिसकी कभी कल्पना नहीं की?
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By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को जब परमपिता परमात्मा निगाह दे देता है, तो उसे वो नजारे मिलते हैं, वो लज्जत मिलती है, जिसकी कभी कल्पना नहीं की होती। वो खुशियां मिलती हैं, जिनका लिख-बोल कर वर्णन नहीं किया जा सकता
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी ने फ़रमाया...ऐसी ताकत है जिससे इन्सान खंडों, ब्रह्मंडों को पार कर सकता है!
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By Manmohan
मालिक का नाम ऐसी ताकत है, जो इन्सान को अंदर से आत्मविश्वास, शक्ति देता है। जिसके द्वारा इन्सान खंडों, ब्रह्मंडों को पार करता हुआ मालिक की दया-मेहर, रहमत के काबिल बन जाता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक के नाम में ऐसी शक्ति है, जो इन्सान को खस्ता कर देती है और मालिक से मिला देती है।