Haryana Weather Update: अगले 48 घंटे बहुत भारी, हरियाणा में तूफानी बारिश का अलर्ट, 50 कि.मी. की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानें हाल

हरियाणा में मौसम ने बदली करवट, 12 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट; मंडियों में भीगा धान

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Haryana Weather Update: हिसार, संदीप सिंहमार। हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मंगलवार शाम से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार अलर्ट वाले जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कई स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम खराब रहने के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और तेज आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

पंचकूला में रात को गिरे ओले

मंगलवार रात पंचकूला में मौसम ने अचानक करवट ली। यहां गरज-चमक के साथ ओले भी गिरे। वहीं पानीपत और सोनीपत में तेज हवाओं का असर देखने को मिला।

अचानक बदले मौसम से जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय कई इलाकों में धान की खरीद और मंडियों में फसल रखने का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश किसानों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।

यमुनानगर की मंडी में भीगा धान

यमुनानगर में हुई बारिश का असर मंडियों में भी देखने को मिला। मंडियों में खुले में रखी धान की फसल बारिश की चपेट में आ गई। कई जगह ट्रालियों में लदी धान की फसल भी भीग गई।

बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना को देखते हुए किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। खुले में रखी धान की फसल को बारिश से बचाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

12 अक्टूबर तक खराब रह सकता है मौसम

मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव का दौर जारी रह सकता है और 12 अक्टूबर तक कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान है।

बारिश का यह दौर धान की खरीद और मंडियों में खुले में रखी फसल के लिए चुनौती बन सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को बारिश से बचाने के लिए उचित इंतजाम रखें।

इन जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान

प्रदेश के कुछ जिलों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। इनमें सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल, भिवानी, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह और पलवल शामिल हैं।

हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है। इसलिए इन जिलों में भी आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।

किसानों के लिए बढ़ी चिंता

अक्टूबर में धान की खरीद का सीजन चल रहा है। ऐसे में अचानक बारिश होने से मंडियों में खुले में रखी फसल के भीगने का खतरा बढ़ गया है। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो किसानों और आढ़तियों को फसल के रखरखाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

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