High Court: बकाया महंगाई भत्ते पर पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की सख्ती
‘अदालती फैसले को ट्वीट्स के जरिए चुनौती देने की कोशिश न करें’
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते के मामले में सोमवार को पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अब और टालमटोल बर्दाश्त नहीं होगी। पंजाब सरकार पहले ही इस मामले में काफी टालमटोल कर चुकी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ट्वीट्स के जरिए उनके आदेशों को चुनौती देने की कोशिश की जा रही है, जिसे भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बाद मामले को लटकाने या कानूनी कार्रवाई की बजाय सार्वजनिक बयानों के जरिए अपना पक्ष रखने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार की ओर से हाईकोर्ट के पिछले आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट स्थिति नहीं बताए जाने पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि यदि सरकार को फैसले पर आपत्ति है तो वह कानून के मुताबिक उच्च अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है, लेकिन अदालती फैसले को ट्वीट्स के जरिए चुनौती देना उचित तरीका नहीं है।
अदालत की नाराजगी उस समय और स्पष्ट हो गई, जब सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील की मौजूदा स्थिति के बारे में पूरी स्पष्टता सामने नहीं आ सकी। अदालत ने मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित रिकॉर्ड की जाँच करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव की मौजूदगी के बावजूद हाईकोर्ट ने मामले को यहीं खत्म नहीं किया। उन्हें दोबारा हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए हैं। अगली सुनवाई मंगलवार, 6 अक्तूबर को होगी।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बकाया महंगाई भत्ते का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों के मामले को लंबे समय तक इसी तरह नहीं खींचा जा सकता। उच्च अदालत की टिप्पणियों से स्पष्ट है कि अब सरकार को अपने रुख और की गई कानूनी कार्रवाई के बारे में ठोस जवाब देना होगा। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही पंजाब सरकार और पंजाब राज्य बिजली निगम को बकाया महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत की किस्तों के भुगतान संबंधी आदेश दे चुका है। सरकार की ओर से इस आदेश को आगे चुनौती देने की कार्रवाई अब अदालत की निगरानी में आ गई है।