Ear Wax Cleaning Tips: कान में जमा मैल को नजरअंदाज न करें, ऐसे करें सफाई; इन गलतियों से जरूर बचें

Ear Wax Cleaning Tips: कान में जमा मैल को नजरअंदाज न करें, ऐसे करें सफाई; इन गलतियों से जरूर बचें

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अनु सैनी। Ear Wax Cleaning Tips: शरीर के सभी अंगों की तरह कानों की साफ-सफाई और देखभाल भी बेहद जरूरी है। कान के अंदर जमा होने वाले मैल को ईयरवैक्स या सेरुमेन (Cerumen) कहा जाता है। बहुत से लोगों को लगता है कि यह गंदगी है और इसे बार-बार निकालना जरूरी है, लेकिन वास्तव में ईयरवैक्स कान के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

यह कान की नली को धूल-मिट्टी और दूसरे बाहरी कणों से बचाने के साथ-साथ उसे चिकनाई बनाए रखने में भी मदद करता है। आमतौर पर कान खुद ही धीरे-धीरे इस मैल को बाहर निकालता रहता है। हालांकि, कुछ लोगों में ईयरवैक्स अधिक मात्रा में जमा हो सकता है। इससे कान बंद महसूस होना, सुनाई कम देना या असहजता जैसी समस्या हो सकती है।

ऐसी स्थिति में कान का मैल निकालने के लिए सुरक्षित तरीका अपनाना बेहद जरूरी है। गलत तरीके से कान साफ करने पर कान की नली में चोट लग सकती है या मैल और अंदर जा सकता है।

1. ईयर ड्रॉप्स से मैल को नरम करें

अगर कान में मैल जमा होने की वजह से कान बंद महसूस हो रहा है, तो फार्मेसी में मिलने वाले ईयरवैक्स-सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये ड्रॉप्स जमा मैल को नरम करने में मदद करते हैं, जिससे वह प्राकृतिक रूप से बाहर निकल सकता है।

कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से मिनरल ऑयल या दूसरे उपयुक्त तेल का भी इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कान में कोई भी चीज डालने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कान का पर्दा सुरक्षित है।

2. हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल सावधानी से

कुछ ईयर ड्रॉप्स में कार्बामाइड पेरोक्साइड या हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे पदार्थ मौजूद होते हैं, जो ईयरवैक्स को नरम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन घर पर खुद से हाइड्रोजन पेरोक्साइड और पानी मिलाकर कान में डालना हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं है।

अगर कान में दर्द, संक्रमण, कान से पानी या पस आना, कान के पर्दे में छेद या पहले कान की सर्जरी हुई है, तो ऐसे किसी घोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

3. कान को खुद साफ होने का समय दें

कान की सफाई के लिए बार-बार अंदर तक कुछ डालने की जरूरत नहीं होती। सामान्य तौर पर कान का मैल खुद ही धीरे-धीरे बाहर की ओर आता रहता है।

अगर मैल कान के बाहरी हिस्से तक आ गया है तो उसे मुलायम कपड़े से धीरे से साफ किया जा सकता है। कान की नली के अंदर कॉटन बड या दूसरी वस्तु डालने से बचना चाहिए।

इन गलतियों से जरूर बचें

कान साफ करने के चक्कर में कई लोग कॉटन बड, पिन, माचिस की तीली या किसी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। इससे मैल बाहर निकलने के बजाय और अंदर धकेला जा सकता है और कान की त्वचा या पर्दे को चोट भी लग सकती है।

इसी तरह घर पर बोतल या सिरिंज से तेज दबाव के साथ पानी डालकर कान फ्लश करना भी सही तरीका नहीं है। इससे कान में चोट या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

अगर कान में मैल जमा होने के साथ तेज दर्द, सुनने में कमी, चक्कर, कान से पानी या पस आना, बदबू या सूजन जैसी समस्या हो रही है तो घर पर कान साफ करने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।

अगर आपको बार-बार ईयरवैक्स जमा होने की समस्या होती है या कान बार-बार बंद महसूस होता है, तो डॉक्टर सुरक्षित तरीके से मैल निकाल सकते हैं।

ध्यान रखें

कान का मैल पूरी तरह गंदगी नहीं है। यह कान की प्राकृतिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, इसलिए इसे बार-बार निकालना जरूरी नहीं होता। कान के अंदर कोई नुकीली चीज न डालें और बिना सलाह के कोई घरेलू घोल कान में न डालें। अगर मैल की वजह से सुनने में परेशानी हो रही है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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