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Sangaria News: अपनों से मिलन के भावुक पल देख नम हुईं आंखें
35 दिन से गुम युवक को सेवादारों ने अपनों से मिलवाया
Sangaria News: संगरिया, (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। किसी मां के लिए उसका बेटा दुनिया की सबसे बड़ी खुशी होता है और जब वही बेटा अचानक आंखों से ओझल हो जाए तो एक-एक पल पहाड़ जैसा गुजरता है। लगभग 35 दिनों से गुम 20 वर्षीय युवक धर्मेंद्र के परिवार पर भी ऐसा ही दुख छाया हुआ था। परिवार ने उसे हर संभव जगह तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। ऐसे में संगरिया की साध-संगत के सेवादारों ने न केवल मानसिक रूप से परेशान युवक की सेवा-संभाल की, बल्कि लगातार प्रयास कर उसके परिजनों तक पहुंचने का रास्ता भी खोज निकाला। आखिरकार जब धर्मेंद्र अपने माता-पिता से मिला तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं से मानवता भलाई कार्यों में जुटे ब्लॉक संगरिया के सेवादारों को 22 सितंबर 2026 को हनुमानगढ़ रोड पर एक मानसिक रूप से परेशान युवक दिखाई दिया। सेवादार भाई गोपाल इन्सां व देवीलाल इन्सां ने युवक की सार-संभाल करते हुए उसे चाय-पानी पिलाया और इसकी सूचना शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार सेवादारों को दी। युवक को मानवता भलाई केंद्र संगरिया लाया गया। इस दौरान संगरिया पुलिस प्रशासन, महिला परामर्श केंद्र से परमजीत सहित धर्मेंद्र के परिजनों ने सेवादारों द्वारा की गई सेवा-संभाल के लिए उनका आभार व्यक्त किया और इस मानवीय प्रयास की सराहना की।
इस पुनीत कार्य में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार लालचंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां, सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार गुरचरण खोसा इन्सां, रॉकी गर्ग इन्सां, गुरचरण इन्सां, सुरजीत खोसा इन्सां, पवन इन्सां, संदीप बाघला इन्सां, विनोद हांडा इन्सां, अमराराम इन्सां, सुखदेव इन्सां, पिंटू, अमन कटारिया इन्सां, लोकेश इन्सां, बबलू गर्ग इन्सां, विजय चुघ इन्सां व सुरेंद्र जग्गा इन्सां का सहयोग रहा।
सेवादारों ने की युवक की सेवा व संभाल
युवक ने अपना नाम धर्मेंद्र बताया, लेकिन वह अपने घर-परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा था। पुलिस को सूचना देने के बाद सेवादारों ने उसकी लगातार सेवा-संभाल की। उसे नहलाकर नए कपड़े पहनाए गए तथा भोजन आदि की व्यवस्था की गई। कुछ समय बाद उसकी हालत में सुधार दिखाई दिया और उसने अपने परिवार से जुड़ी कुछ जानकारियां तथा अपने एक दोस्त के मोबाइल नंबर बताए। पंचकूला-पिंजौर पुलिस की सहायता से युवक के परिजनों का पता चला।
धर्मेंद्र मूल रूप से चक बहादिन, प्रखंड दलसिंह सराय, समस्तीपुर, बिहार का रहने वाला है तथा वर्तमान में पिंजौर, पंचकूला हरियाणा में रह रहा था। परिजनों से संपर्क होने के बाद धर्मेंद्र के पिता जसवंत से वीडियो कॉल के माध्यम से बात करवाई गई। लंबे समय से बिछड़े बेटे को सकुशल देखकर पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। माता संगीता देवी की आंखों से भी खुशी के आंसू छलक पड़े। बेटे के मिलने की सूचना मिलते ही दोनों माता-पिता ट्रेन से संगरिया के लिए रवाना हो गए।
बेटे को देखते ही मां की आंखों से छलक पड़े खुशी के आंसू
मानवता भलाई केंद्र संगरिया में जब धर्मेंद्र अपने माता-पिता के सामने आया तो माहौल बेहद भावुक हो उन्होंने सेवादारों का आभार जताते हुए कहा कि ‘‘आपने मेरे बेटे की जिंदगी बचा दी। आप हमारे लिए फरिश्तों जैसे हो। आपका यह परोपकार मैं जिंदगीभर नहीं भूल सकती।’’ धर्मेंद्र के पिता जसवंत ने बताया कि उनका बेटा करीब 35 दिनों से मानसिक परेशानी के चलते रास्ता भटक गया था। परिवार ने उसे कई जगह तलाश किया, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बेटे के सुरक्षित मिलने की खबर उनके लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं थी। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद धर्मेंद्र को पुलिस प्रशासन व विभिन्न समितियों के जिम्मेवारों की मौजूदगी में सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।