Stubble Burning Case: पराली जलाने पर तीन भाइयों पर केस, एक साल तक एमएसपी पर फसल नहीं बेच सकेंगे 

पराली जलाने पर तीन भाइयों पर केस, एक साल तक एमएसपी पर फसल नहीं बेच सकेंगे 

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यमुनानगर (एजेंसी)। Yamuna Nagar News: हरियाणा के यमुनानगर जिले में पराली जलाने को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उप कृषि निदेशक डॉ. आदित्य डबास ने बताया कि पराली जलाने के मामले में तीन भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिसमें एमएसपी पर फसल खरीद पर एक साल का बैन भी शामिल है। 

डॉ. आदित्य डबास ने आईएएनएस से कहा, "यमुनानगर जिले में धान का तकरीबन 10 प्रतिशत क्षेत्र कट चुका है। इसमें हमारे संज्ञान में एक मामला आया था तकरीबन चार दिन पहले, एक गांव में फसल अवशेषों में आग लगाई गई। उस पर हमारी टीम वहां पहुंची तो देखा कि जले हुए अवशेष मिले। उस खेत में धान की कटाई के बाद जो अवशेष बचे थे, उसमें आग लगाई गई थी।"

उन्होंने कहा कि जिले में पराली न जलाने के लिए जागरूकता अभियान किया गया था। यह काम पिछले 10 सालों से किया जा रहा है, हर किसान को पता है कि इसका दुष्प्रभाव है। इसके साथ ही जिलाध्यक्ष ने धारा 163 भी लगाई हुई है।

डॉ. डबास ने बताया कि जिस किसान ने धान के अवशेषों को जलाने का काम किया है। पर्यावरण को प्रदूषित करने को लेकर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही एक साल के लिए एमएसपी पर उनकी कोई भी खरीद नहीं होगी। इसके लिए उनके खाते में रेड एंट्री की गई है।

उन्होंने कहा कि धान की फसल लगाने से लेकर उसकी कटाई तक जो व्यवस्था हरियाणा सरकार ने की है, वैसी पूरे देश में नहीं है।

आदित्य डबास ने कहा, "हमारी योजना के तहत धान की रोपाई से ही सरकार की ओर से मदद मिलनी शुरू हो जाती है। शुरुआत में 4500 रुपए दिए जाते हैं। फिर फसल की कटाई के बाद जो किसान धान के अवशेषों को न जलाकर उसे अन्य काम के लिए उपयोग में लेता है, उसको प्रति एकड़ 1200 रुपए दिए जाते हैं।"

उन्होंने साफ कहा कि अगर इतनी सुविधाओं के बाद भी कोई इस तरह का काम करता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने पड़ेंगे। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का हक किसी को नहीं है।

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