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Gyanesh Kumar Latest News: ज्ञानेश कुमार का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, इस दिन होगी सुनवाई
SIR और वोटर लिस्ट पर उठे कई गंभीर सवाल
Gyanesh Kumar Latest News: नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया है। याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से संबंधित कुछ फैसलों, दिशा-निर्देशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ निर्णय चुनाव आयोग के सभी सदस्यों की सहमति के बिना लिए गए। याचिका में ऐसे फैसलों को असंवैधानिक और कानूनी रूप से अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।
13 करोड़ नाम हटाने का दावा
याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया गया है। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग या विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, SIR के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए थे। हालांकि, यह आंकड़ा ड्राफ्ट रोल में नाम नहीं होने से संबंधित है और इसे अंतिम रूप से मताधिकार समाप्त होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
ECINet और ERONet के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग
याचिका में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े ECINet और ERONet डेटाबेस का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही चुनाव आयोग के मूल दस्तावेज, फाइल नोटिंग और बैठकों के रिकॉर्ड अदालत के सामने पेश करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि अदालत यह जांच करे कि आयोग की सामूहिक शक्तियों के इस्तेमाल से जुड़े फैसले किस कानूनी आधार पर लिए गए।
CEC और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
याचिका में ज्ञानेश कुमार के अलावा कुछ अन्य चुनावी अधिकारियों के खिलाफ भी कथित वैधानिक उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने SIR से जुड़े फैसलों और सॉफ्टवेयर में कथित बदलावों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी है। रिपोर्टों के अनुसार, याचिका में यह भी मांग की गई है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर काम करने से रोका जाए। यह मांग याचिकाकर्ता की ओर से की गई है; इस पर अदालत का अंतिम फैसला अलग विषय है।
चुनाव आयोग की ओर से भी प्रक्रिया में बदलाव
SIR को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने हाल में अपनी बैठकों से जुड़ी प्रक्रिया में कुछ बदलावों की घोषणा की है। आयोग ने कहा है कि बैठकों के एजेंडे पहले साझा किए जाएंगे और बैठकों के आधिकारिक कार्यवृत्त तैयार किए जाएंगे। वहीं, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर अपनी प्रक्रियाओं को कानूनी नियमों के अनुरूप बताया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अब याचिका में लगाए गए आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष की न्यायिक समीक्षा का मामला है।सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले से जुड़े विभिन्न अनुरोधों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।