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Ranya Rao Gold Smuggling Case: अभिनेत्री रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में आया नया अपडेट
कस्टम्स ने चारों आरोपियों पर लगाया करोड़ों का जुर्माना
Ranya Rao Gold Smuggling Case: मुंबई (सच कहूँ/एजेंसी)। कन्नड़ अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या राव से जुड़े कथित सोना तस्करी मामले में कस्टम्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से 30 सितंबर को जारी किए गए 399 पन्नों के आदेश में रान्या राव समेत चार लोगों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। आदेश के मुताबिक, चारों पर कुल मिलाकर करीब 270 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। कस्टम्स के आदेश के अनुसार रान्या राव पर करीब 89 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं तरुण कोंडुरु राजू पर 49.51 करोड़ रुपये की पेनल्टी बताई गई है। साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर करीब 53.06-53.06 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच दुबई से भारत में बड़ी मात्रा में सोना लाया गया। एजेंसियों ने इस कथित नेटवर्क में रान्या राव के साथ तरुण कोंडुरु राजू, साहिल जैन और भरत कुमार जैन की भूमिका होने का आरोप लगाया है। मामले में रान्या राव के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई 3 मार्च 2025 को हुई थी। उस समय दुबई से बेंगलुरु पहुंचने पर उन्हें केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डीआरआई अधिकारियों ने रोका था। जांच के दौरान उनके पास से 14.213 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद होने की बात सामने आई थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये बताई गई।
घर की तलाशी में भी बरामदगी
जांच के दौरान रान्या राव के आवास की तलाशी भी ली गई। एजेंसियों के अनुसार वहां से करीब 2.67 करोड़ रुपये नकद और लगभग 2.06 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी मिली थी। आरोप है कि एयरपोर्ट तक लाए गए सोने को शरीर के विभिन्न हिस्सों, कपड़ों और जूतों में छिपाया गया था। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
कस्टम्स की जांच के मुताबिक तरुण कोंडुरु राजू दुबई में सोने से जुड़े दस्तावेजों और डिलीवरी से संबंधित काम संभालता था। वहीं साहिल जैन और भरत कुमार जैन पर भारत में सोने की बिक्री तथा उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन में सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, भारत में सोना बेचने से प्राप्त रकम का कुछ हिस्सा नकद और कुछ हिस्सा कथित हवाला चैनल के जरिए विदेश में भेजने की व्यवस्था से जुड़ा था।
ED की जांच में भी सामने आया मामला
इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर चुका है। ईडी के मुताबिक मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कथित तौर पर 127.287 किलोग्राम सोना भारत लाया गया, जिसकी कीमत लगभग 102.55 करोड़ रुपये आंकी गई। ईडी ने आरोप लगाया कि भारत में सोने की बिक्री से प्राप्त रकम को नकद और हवाला नेटवर्क के जरिए स्थानांतरित किया गया। एजेंसी ने फरवरी 2026 में रान्या राव, तरुण कोंडुरु और साहिल सकरिया जैन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। कस्टम्स की ताजा कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।