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Tibbi 34 RD Bridge: टिब्बी का 34 आरडी पुल चार माह से अधूरा, डबली कलां के ग्रामीणों ने शुरू किया धरना
पुल निर्माण की धीमी गति से ग्रामीण-किसान परेशान, बच्चों की 2 किलोमीटर की दूरी बढ़कर 20 किलोमीटर हुई
Tibbi 34 RD Bridge: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। टिब्बी तहसील क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर की 34 आरडी पर निर्माणाधीन पुल का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा होने से ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। पुल निर्माण कार्य जल्द पूरा करवाने की मांग को लेकर डबली कलां एवं आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर 34 आरडी पुल के नजदीक शांतिपूर्वक धरना शुरू किया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द पुल का निर्माण पूरा करवाकर आवागमन सुचारू करने की मांग की।
ग्रामीण सुरेन्द्र ने बताया कि करीब चार माह पहले पुल को दोबारा निर्माण करवाने के लिए विभाग की ओर से तोड़ा गया था। निर्माण कार्य के लिए निर्धारित अवधि 130 दिन बताई गई थी, लेकिन करीब 120 दिन बीत जाने के बावजूद पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पूरी तरह से टूटा हुआ है और मौके पर निर्माण सामग्री एवं मशीनरी अस्त-व्यस्त पड़ी है। निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल बंद होने से डबली कलां गांव और आसपास का क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गया है। पहले जिन लोगों को महज करीब 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, उन्हें अब वैकल्पिक रास्तों से करीब 20 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों के साथ किसानों और मजदूरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। पुल के दूसरी ओर बड़ी संख्या में किसानों के खेत हैं। पुल बंद होने के कारण किसानों को खेतों तक पहुंचने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे खेती-बाड़ी से जुड़े आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति विकास कार्य के विरोध में नहीं है, लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा होना चाहिए ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्कूली बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
पुल बंद होने से स्कूली बच्चों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार डबली कलां क्षेत्र के बच्चे 12 डीबीएल और मिर्जावाली मेर के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। पुल बंद होने के कारण बच्चों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है और वे देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं। अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का समय भी नजदीक है, ऐसे में ग्रामीणों ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर चिंता जताई है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल तोड़ने के समय अस्थायी पुल बनाए जाने का सुझाव भी दिया गया था, ताकि निर्माण अवधि के दौरान आवागमन प्रभावित न हो। उनका कहना है कि यदि उस समय अस्थायी व्यवस्था कर दी जाती तो ग्रामीणों और विद्यार्थियों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
बार-बार आश्वासन, लेकिन काम पूरा नहीं
ग्रामीणों के अनुसार पुल तोड़ने का काम शुरू होने के समय प्रशासन की ओर से करीब एक माह में निर्माण पूरा करवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार माह बीतने के बावजूद आवागमन शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को समस्या से अवगत करवा चुके हैं। हर बार 10-15 दिन में निर्माण पूरा कर आवागमन सुचारू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन मौके के हालात देखकर निर्माण कार्य जल्द पूरा होता नजर नहीं आ रहा। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक कोई विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर पुल निर्माण की तय समय सीमा के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं देता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पुल निर्माण कार्य में तेजी लाकर जल्द से जल्द इसे पूरा करवाया जाए और आवागमन बहाल किया जाए।