Kaithal Fraud Case: ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल’ पर फर्जीवाड़ा, सीएम फ्लाइंग की जांच में खुलासा
कैथल के किसानों की जमीन से 1.10 लाख हड़पे
Kaithal Fraud Case: कैथल, (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए दूसरे किसानों की जमीन का फर्जी इस्तेमाल कर करीब 1.10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि हड़पने का मामला सामने आया है। नूंह जिले के 10 लोगों ने कैथल के गांव खानपुर में किसानों की जमीन पर कपास और बाजरे की फसल का कथित तौर पर फर्जी पंजीकरण कराया और ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल के जरिए ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना की प्रोत्साहन राशि अपने बैंक खातों में जमा करा ली। सीएम फ्लाइंग की जांच में सामने आया कि आरोपियों के नाम खानपुर गांव में कोई जमीन दर्ज नहीं है। सीएम फ्लाइंग जींद की शिकायत पर सीवन थाना पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीएम फ्लाइंग जींद के सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह की शिकायत के अनुसार, नूंह जिले के पुन्हाना निवासी मोहम्मद, याशिर, अशगरी, अकबर खान, शोकीन, तसलीम, तालिब, अरमान, दीनमोद और जसमीन ने वर्ष 2025 में गांव खानपुर के किसानों की जमीन पर कपास और बाजरे की फसल का गलत विवरण दर्ज कराया। इसके लिए आरोपियों ने ह्यमेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्होंने सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का लाभ लिया।
11 किसानों की जमीन का किया इस्तेमाल
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने खानपुर के किसान धर्मपाल, जयभगवान, कर्मबीर, सतबीर उर्फ सुनील, जगमेल, बलबीर, गीता, पूजा, संजू, गोलो देवी और छोटी की जमीन का कथित तौर पर फर्जी तरीके से पंजीकरण कराया। आॅनलाइन पोर्टल के माध्यम से आरोपियों ने कुल 1 लाख 10 हजार 50 रुपये की प्रोत्साहन राशि अपने बैंक खातों में प्राप्त कर ली।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिन 10 लोगों के नाम पर फसल का पंजीकरण कराया गया, उनके नाम खानपुर गांव में कोई जमीन दर्ज नहीं है। सीवन थाना एसएचओ मुकेश रानी ने बताया कि सीएम फ्लाइंग की शिकायत के आधार पर 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।