शिक्षा और रोजगार
Farmer News: किसानों का फरमान, मांगें नहीं मानी तो करेंगे दिल्ली हाईवे जाम
धान खरीद की शर्तें हटाने सहित उठाई 14 मांगें
रतिया (सच कहूं न्यूज)। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर रविवार को रतिया अनाज मंडी में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के बैनर तले जिला स्तरीय किसान-मजदूर पंचायत हुई। पंचायत में किसानों और मजदूरों ने धान खरीद पर लगाई गई प्रति एकड़ 28 क्विंटल की सीमा हटाने, पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध करवाने और किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मंडियों में धान बेचने में किसानों को परेशानी हुई तो दिल्ली हाईवे जाम किया जाएगा। पंचायत की अध्यक्षता जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा और उपप्रधान गग्गी चहल ने की। मंच संचालन जिला सचिव महेंद्र मोची और सुखचैन सिंह ने किया। पंचायत में प्रदेशभर से किसान नेताओं के साथ आल इंडिया किसान मजदूर जत्थेबंदी और हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चे के पदाधिकारी भी पहुंचे। किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसानों और मजदूरों के सामने कई समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उन्होंने किसानों और मजदूरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
किसान नेता मनदीप नथवान ने कहा कि धान खरीद में प्रति एकड़ 28 क्विंटल की सीमा किसानों के हित में नहीं है। इसे तत्काल हटाया जाना चाहिए। राज्य सचिव संदीप सिवाच और किसान महासभा के विनोद कुमार ने भी किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
14 सूत्रीय मांगपत्र रखा
पंचायत में किसान-मजदूरों की ओर से सरकार के समक्ष 14 सूत्रीय मांगपत्र रखा गया। इसमें मंडियों में धान की तुरंत खरीद शुरू करने और प्रति एकड़ 28 क्विंटल की शर्त हटाने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा किसानों को पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध करवाने और खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग की गई।
किसानों ने फतेहाबाद जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर उचित मुआवजा देने, फसल बीमा कंपनियों की कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने, बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया बंद करने और खेत मजदूरों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग की। नशा तस्करी और गुंडागर्दी पर रोक लगाने, फसलों का एमएसपी पर लाभकारी मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा किसानों-मजदूरों के कर्ज का बोझ कम करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग भी उठाई गई।