Question Papers Shortage: अर्धवार्षिक परीक्षाओं के पहले दिन ही प्रश्नपत्रों की कमीं, डीईओ ने जांच के दिए निर्देश

कहीं 97 विद्यार्थियों के लिए 50 तो कहीं 57 विद्यार्थियों के लिए 32 प्रश्नपत्र करवाए गए उपलब्ध

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Question Papers Shortage: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। सरकारी स्कूलों में शुक्रवार से शुरू हुई अर्धवार्षिक परीक्षाओं के पहले दिन जिले के कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कम प्रश्नपत्र पहुंचने की स्थिति सामने आई। कहीं 97 विद्यार्थियों के लिए 50 तो कहीं 57 विद्यार्थियों के लिए 32 प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाए गए। कुछ स्कूलों में प्रश्नपत्र देर से पहुंचने की बात भी सामने आई। वहीं, कुछ विद्यालयों में एक-एक प्रति भेजकर बाकी प्रश्नपत्रों की फोटोस्टेट करवाने के निर्देश दिए गए।

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मामले को परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा विषय बताते हुए आगामी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार प्रश्नपत्र समय पर उपलब्ध करवाने की मांग की है। संघ का कहना है कि परीक्षा कार्यक्रम पहले से निर्धारित होता है और विद्यार्थियों की संख्या का रिकॉर्ड भी विभाग के पास रहता है। ऐसे में प्रश्नपत्रों का वितरण उसी के अनुरूप सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

रानियां के ओटू क्लस्टर में जरूरत से कम पहुंचे पेपर

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के खंड प्रधान कन्हैया लाल के अनुसार रानियां खंड के ओटू क्लस्टर के चार प्राथमिक विद्यालयों में कुल 97 प्रश्नपत्रों की आवश्यकता थी, जबकि 50 प्रश्नपत्र उपलब्ध हुए। चकराइयां और चकसाहिबां के स्कूलों में भी एक-एक प्रति पहुंचने की जानकारी सामने आई। खंड प्रधान सुधीर सुथार के अनुसार राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय ओटू में पांचवीं कक्षा के 57 विद्यार्थियों के लिए 32 प्रश्नपत्र पहुंचे। मोडियाखेड़ा में सुबह 10:30 बजे तक प्रश्नपत्र नहीं पहुंच पाए थे। जोधकां में भी विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कम प्रश्नपत्र मिलने की जानकारी सामने आई। मोचीवाली में एक-एक प्रति भेजकर शेष प्रश्नपत्रों की फोटोस्टेट करवाने के निर्देश दिए गए।

फूलकां क्लस्टर में दोपहर तक पेपर पहुंचने का इंतजार

सरसा खंड प्रधान संदीप रूंडला के अनुसार दोपहर 12 बजे तक फूलकां क्लस्टर के विद्यालयों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंच पाए थे। इससे परीक्षा संचालन को लेकर शिक्षकों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। खंड प्रधान लालबहादुर के अनुसार मसीतां, जोगेवाला, रामगढ़, गोरीवाला, मौजगढ़, मुन्नावाली और रामपुर बिश्नोई के स्कूलों में भी विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कम प्रश्नपत्र मिलने की जानकारी मिली। अबूबशहर में चौथी कक्षा का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने की बात सामने आई। बीईओ डबवाली से हुई बातचीत के अनुसार खंड कार्यालय की ओर से 50 बंडल प्रश्नपत्रों की मांग भेजी गई थी, जबकि 23 बंडल ही प्राप्त हुए।

शिक्षक संघ ने समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की

जिला प्रधान विजय शर्मा ने कहा कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित होनी चाहिए। जिला महासचिव विजय सहारण ने कहा कि शिक्षकों का मुख्य दायित्व विद्यार्थियों की परीक्षा सुचारू रूप से करवाना है। इसलिए आगामी परीक्षाओं में स्कूलों तक विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार प्रश्नपत्र समय पर पहुंचाए जाने चाहिए।

जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने कहा कि ब्लॉक स्तर से विद्यार्थियों की जो नामांकन संख्या भेजी जाती है, उसी के आधार पर प्रश्नपत्रों की मांग की जाती है। यदि किसी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले प्रश्नपत्र कम पहुंचे हैं तो मामले को क्रॉस चेक करवाया जाएगा। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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