Farmer News: किसानों ने डबवाली रोड किया जाम, जानें क्या है माजरा
डीएपी का स्टॉक खत्म, किसानों में रोष
Farmer News: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर शुक्रवार को भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अनाजमंडी स्थित किसान भवन में सुबह से टोकन के इंतजार में बैठे करीब 200 से 300 किसान उस समय नाराज हो गए, जब उन्हें बताया गया कि शुक्रवार को डीएपी का स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
इसके बाद करीब 11 बजे किसानों ने डबवाली रोड पर पहुंचकर जाम लगा दिया। करीब 25 मिनट तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। किसानों ने खाद उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम की सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसानों से बातचीत कर उन्हें टोकन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया और किसान भवन वापस चलने के लिए कहा। इसके बाद किसान वापस मंडी स्थित किसान भवन पहुंचे। इसी दौरान विभाग के एसडीओ अमित कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने किसानों को बताया कि फिलहाल डीएपी का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। इसको लेकर कुछ देर किसानों और अधिकारी के बीच बातचीत हुई।
किसान रामस्वरूप और नरेंद्र ने बताया कि वीरवार को टोकन होने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल पाई। किसान सोहन लाल केलनियां ने बताया कि वह सुबह करीब 5 बजे से खाद के लिए इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद टोकन नहीं मिल पाया।
एसडीओ बोले,स्टॉक आते ही किसानों को उपलब्ध कराएगी खाद
विभाग के एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि सरसा शहर में 750 टोकन जारी किए गए थे और प्रत्येक टोकन पर तीन-तीन बैग डीएपी उपलब्ध करवाई गई। वीरवार को किसानों को खाद दी गई थी, जबकि शुक्रवार को स्टॉक उपलब्ध नहीं था। किसानों को इसकी जानकारी नहीं होने के कारण वे खाद लेने के लिए किसान भवन पहुंच गए। उन्होंने बताया कि एक टोकन पर एक व्यक्ति के आधार कार्ड के आधार पर तीन बैग खाद दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अभी रबी फसल की बिजाई में समय है, इसलिए किसानों को जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है। डीएपी की नई खेप आने के बाद
किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाएगी।
खरीफ सीजन में जिले के लिए कुल 40 हजार मीट्रिक टन खाद की मांग रखी गई थी। इसके मुकाबले अब तक 24 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 7 हजार मीट्रिक टन एनपीके और 22 हजार मीट्रिक टन सुपर खाद उपलब्ध हुई है। वहीं रबी सीजन के लिए 45 हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग भेजी गई है। इसमें से अब तक 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति हो चुकी है।