बाल विवाह के खिलाफ सिरसा की बेटियों ने संभाली कमान, बनेगी कमांडर

टीम लाडो से जुड़ी 2 हजार से ज्यादा बेटियां

Published On

सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सरसा में चल रहे अभियान को अब बेटियों की नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जा रहा है। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे बाल आजादी अभियान के तहत जिले की किसी एक योग्य बेटी को बाल विवाह मुक्त सरसा अभियान की ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा।

खास बात यह है कि चुनी जाने वाली बेटी महज अभियान का चेहरा नहीं होगी, बल्कि पूरे साल जिले में चलने वाली गतिविधियों की निगरानी में उसकी अहम भूमिका रहेगी। संस्था की ओर से आयोजित किसी भी कार्यक्रम में देश या प्रदेश का कितना भी वीआईपी अतिथि मौजूद हो, मुख्य अतिथि 2का दर्जा ब्रांड एंबेसडर बेटी को ही दिया जाएगा। उसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों और बैठकों में भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल किया जाएगा।

ऑनलाइनऔर स्कूल-कॉलेज से भी कर सकेंगी आवेदन

सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने बताया कि ब्रांड एंबेसडर के चयन के लिए लड़कियां ऑनलाइन नामांकन कर सकती हैं। इसके लिए फाउंडेशन की वेबसाइट पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी आवेदन के लिए हार्ड कॉपी फॉर्म उपलब्ध करवाए जाएंगे। संस्थानों में फॉर्म जमा करने और एकत्रित करने के लिए अलग से ड्रॉप एवं कलेक्शन स्थान बनाए जाएंगे। इससे उन छात्राओं को भी आवेदन का अवसर मिलेगा, जो ऑनलाइन माध्यम से नामांकन नहीं कर पाती हैं।

चयन के लिए चार मानदंड तय

ब्रांड एंबेसडर के चयन के लिए कुछ मानदंड तय किए गए हैं। सुनील जागलान के अनुसार नामांकन करने वाली लड़की के परिवार में बाल विवाह नहीं हुआ होना चाहिए। इसके अलावा वह कुपोषित नहीं होनी चाहिए, उसके व्यवहार में गाली-गलौज का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और वह भारत सरकार, राज्य सरकार के किसी अभियान अथवा सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य में भागीदारी कर रही होनी चाहिए। अभियान के तहत सरसा जिले के गांवों में पिछले करीब 20 दिनों से जागरूकता गतिविधियां चल रही हैं। आयोजकों के मुताबिक अब तक 2 हजार से अधिक लड़कियों को वाट्सऐप समूहों के माध्यम से अभियान से जोड़ा जा चुका है। गांव-गांव में टीम लाडो गठित की जा रही हैं। 

बच्चों से जुड़े मुद्दों पर होंगे कार्यक्रम

चयनित ब्रांड एंबेसडर को फाउंडेशन की ओर से पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके बाद पूरे साल जिले में बच्चों के अधिकार, बाल विवाह, बाल श्रम, बच्चों के उत्पीड़न और आॅनलाइन शोषण जैसे मुद्दों को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों और अभियान की गतिविधियों की निगरानी में ब्रांड एंबेसडर की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। 

About The Author

Related Posts