कांग्रेस ने चंडीगढ़ में किया रोष-प्रदर्शन, बैरीकेड तोड़ने का प्रयास
गुटबाजी बरकरार, प्रदर्शन में नहीं पहुंचे चरनजीत सिंह चन्नी और प्रताप सिंह बाजवा
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन किया। सैक्टर-17 स्थित आरबीआई आॅफिस से चुनाव आयोग कार्यालय तक कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन आधे रास्ते में ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक लिया। जिसके बाद उनकी पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। जब कांग्रेस कार्यकर्ता इसके बाद भी नहीं रुके तो पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें मारीं। कार्यकर्ता चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं कार्यकर्ताओं ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेने लगी तो अमरेन्द्र सिंह वड़िंग बस पर चढ़ गए। मार्च शुरु करने से पहले पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरेन्द्र सिंह राजा वड़िंग ने वोट चोरी करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गिरफ्तार करने की मांग की। कांग्रेस पार्टी की ओर से एसआईआर के खिलाफ किए गए इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह राजा वड़िंग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। साथ ही पंजाब में बिना एसआईआर के चुनाव करवाने की मांग भी रखी गई। कांग्रेस के इस धरने में 5-7 प्रमुख नेताओं के संबोधन के बाद राजा वड़िंग ने संबोधित किया। इसके बाद पुलिस की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राजा वड़िंग ने बैरिकेड तोड़ने का ऐलान कर दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया तो पुलिस ने पानी की बौछार कर उन्हें पीछे हटाया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर सैक्टर-17 थाने ले जाया गया।
वहाँ कुछ घंटे रखने के बाद सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को रिहा कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी एक बार फिर गुटबाजी का शिकार होती नजर आई है। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर एसआईआर के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी चरणजीत सिंह चन्नी गुट के विधायकों से लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्रियों सहित कई बड़े नेताओं ने दूरी बनाए रखी। हालांकि बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह राजा वड़िंग कार्यकर्ताओं में जोश भरते नजर आ रहे थे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट के आने की खबर थी, लेकिन अचानक उनके द्वारा भी अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
इस धरने में चरणजीत सिंह चन्नी की गैरमौजूदगी सभी को खटकती रही। इसका कारण यह भी बताया जा रहा था कि अन्य कांग्रेस नेताओं के मुकाबले चरणजीत सिंह चन्नी का घर कुछ ही किलोमीटर दूर है, लेकिन इसके बावजूद वह धरने में शामिल होने नहीं पहुंचे। कांग्रेस पार्टी के इस धरने में विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी गैरहाजिर रहे। वहीं सिर्फ 2-3 पूर्व कैबिनेट मंत्रियों ने ही अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई, जबकि 18 मौजूदा विधायकों में से केवल 5 विधायक ही मौके पर नजर आए। इस धरने के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिन्द्र सिंह रंधावा जरूर पहुंचे और उन्होंने पहले अपना भाषण दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद धरना स्थल से रवाना हो गए। उन्होंने खुद कहा कि यदि वह नहीं आते तो अगले दिन अखबारों की सुर्खियों में यह दिखाई देता कि वह गैरहाजिर थे, लेकिन बीमार होने के बावजूद वह यहाँ आए हैं।