Munger Breaking News: इंजीनियरिंग कॉलेज में 35 से ज्यादा छात्र बीमार, मचा हड़कंप
बिहार के मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल का मामला, फूड पॉइजनिंग की आशंका
पटना (सच कहूँ/एजेंसी)। बिहार के मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में शुक्रवार शाम अचानक कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि 35 से अधिक छात्र उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझते पाए गए। स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर छात्रों को सदर अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने बीमार छात्रों की जांच कर प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के बाद अधिकांश छात्रों की हालत में सुधार बताया गया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर वापस हॉस्टल भेज दिया गया। एक असिस्टेंट प्रोफेसर और कॉलेज के कुछ कर्मचारियों के भी बीमार होने की जानकारी सामने आई है।
कॉलेज में गुरुवार को विश्वकर्मा पूजा का आयोजन हुआ था। इस दौरान तैयार किए गए प्रसाद का सेवन छात्रों के अलावा शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने भी किया था। इसके बाद कुछ छात्रों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी शुरू होने की बात सामने आई। हालांकि, शुक्रवार शाम एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों ने उल्टी और दस्त की शिकायत की। कुछ छात्रों को बुखार और कमजोरी की समस्या भी हुई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बीमार छात्रों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।
बीमारी की वजह अभी स्पष्ट नहीं
सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने छात्रों का इलाज शुरू किया। चिकित्सक डॉ. फैजुद्दीन के अनुसार, तीन दर्जन से अधिक छात्रों को दस्त, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षणों के चलते चिकित्सा सहायता दी गई। प्राथमिक उपचार के बाद छात्रों की स्थिति में सुधार हुआ। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर भी स्टाफ के साथ हॉस्टल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में भर्ती छात्रों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
कार्यवाहक प्राचार्य ने कहा कि फिलहाल बीमारी का कारण फूड पॉइजनिंग बताना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा पूजा का प्रसाद छात्रों के साथ शिक्षकों और कॉलेज कर्मचारियों ने भी खाया था। इसलिए मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, बीमारी की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।