BJP Punjab News: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 'युद्ध नशे के विरुद्ध' पर आया बड़ा बयान
''‘आप’ का युद्ध नशे के खिलाफ नहीं था, बल्कि नशा माफिया से सांठगांठ थी''
BJP Punjab News: माधोपुर (पठानकोट), (सच कहूँ/राजन मान)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को एकता स्थल, माधोपुर, पठानकोट से पहली नशा मुक्त पंजाब यात्रा को हरी झंडी देकर रवाना किया। ‘भाजपा का नारा नशा मिटाना सारा’ के संकल्प के साथ शुरू हुई नशा मुक्त यात्रा 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होगी। इस मौके पर नितिन नबीन ने जहां नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया, वहीं प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने की बात कही।
नितिन नबीन ने कहा कि पंजाबियों को ‘उड़ता पंजाब’ नहीं, बल्कि ‘उभरता पंजाब’ चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सत्ता के दम पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब करके पंजाब को नशे से बर्बाद किया, उनके खिलाफ निर्णायक लड़ाई करने का समय आ गया है। भारतीय जनता पार्टी की नशे के खिलाफ लड़ाई का मूल मंत्र साझा करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि नशा तस्करों पर वार, नशे के सप्लाई नेटवर्क को तोड़ना, ड्रग मनी जब्त करना, नशे के शिकार लोगों का पुनर्वास करना और समाज के सहयोग से नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत खास है और वह पंजाब के घर-घर की पीड़ा से जुड़ने आए हैं। नितिन नबीन ने कहा कि प्रदेश में सत्ता में बैठे लोगों ने पंजाब की पहचान को बदलने का काम किया और हमारी पीढ़ियों को खत्म करने का काम किया। पंजाब की आप सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को सत्ता की चाबी समझा और लोगों का दर्द नहीं समझा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाला एक दलित व्यक्ति सरकार की ज्यादती के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुआ। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा रोका गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के नेटवर्क को तोड़ने की बजाय नशा पीड़ित परिवारों का मनोबल तोड़ने का काम किया।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि आज पंजाब अपनी पहचान खोता जा रहा है। पंजाब की जो तस्वीर पहले होती थी, अब वह तस्वीर नहीं रही। वहीं वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी से संबंधित ऐतिहासिक स्थल से यात्रा शुरू करके भाजपा ने नशे के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया है। इसका बैनर राजनीतिक हो सकता है, लेकिन समस्या घर-घर की है। समारोह को अन्य नेताओं के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला, संसदीय समिति सदस्य इकबाल सिंह लालपुरा, पूर्व लोकसभा सदस्य परनीत कौर, पूर्व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक, पूर्व मंत्री पंजाब मनोरंजन कालिया, मुकेरियां से विधायक जंगी लाल महाजन और पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर पंजाब मामलों के प्रभारी सतीश पूनिया, सह-प्रभारी सौदान सिंह, सह-प्रभारी डॉ. नरेन्द्र सिंह रैना, राज्यसभा सदस्य तरुण चुग, राज्यसभा सदस्य बिक्रमजीत साहनी, राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू, पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा, पंजाब भाजपा महिला विंग की अध्यक्ष जयइन्द्र कौर, अमनजोत कौर रामूवालिया, पूर्व विधायक अश्वनी शेखड़ी सहित कई अन्य नेता मौजूद थे।
दो साल में नशे की जड़ खत्म कर देंगे: केवल ढिल्लों
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह जमावड़ा कोई राजनीतिक रैली नहीं है, बल्कि हम माताओं-बहनों का दुख बांटने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह जन आंदोलन है, जिसके तहत हम 117 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के मुताबिक अगले दो वर्षों में नशे को जड़ से खत्म करेंगे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने तीन महीनों में पंजाब को नशा मुक्त करने का दावा किया था, लेकिन अब हालात यह हैं कि यहाँ पिज्जा की डिलीवरी देर हो सकती है, चिट्टे की नहीं।