Haryana Panchayats: भारतनेट से जुड़ीं हरियाणा की 5,154 ग्राम पंचायतें, अब 1068 पंचायतों की बारी
प्रदेश की 82.84 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में पहुंची ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी
चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Haryana Panchayats: हरियाणा के गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश की कुल 6,222 ग्राम पंचायतों में से 5,154 यानी 82.84 प्रतिशत ग्राम पंचायतें भारतनेट से जुड़ चुकी हैं। वहीं, तय किए गए 62,220 फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शनों में से 45,130 यानी 72.53 प्रतिशत कनेक्शन वर्तमान में चालू हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक में डिजिटल कनेक्टिविटी और दूरसंचार ढांचे से जुड़े कामों की समीक्षा की। वित्त वर्ष 2026-27 में राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के भाग-छह के तहत हरियाणा के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन तय किया गया है। यह राशि दूरसंचार क्षेत्र में छह सुधार लक्ष्यों को पूरा करने से जुड़ी है। राज्य ने इनमें से एक अहम लक्ष्य हासिल कर लिया है।
31 मार्च 2026 तक लंबित सभी राइट आॅफ वे (आरओडब्ल्यू) आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। इसके लिए अधिकतम 22.5 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रावधान है। बैठक में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 6,222 में से 5,154 ग्राम पंचायतों को भारतनेट के तहत कवर किया जा चुका है, जबकि 1,068 पंचायतें अभी बाकी हैं। भारतनेट का विस्तार तेजी से करने के लिए पंचायतों में उपकरण लगाने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने, बिजली कनेक्शन के लिए साझा आवेदन, एकीकृत बिलिंग व्यवस्था और स्मार्ट मीटर लगाने जैसे उपायों पर चर्चा हुई। दूरसंचार ढांचे से जुड़े कामों की मंजूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए हरियाणा ने इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल को जारी रखने का फैसला किया है। इसे आरओडब्ल्यू नियम, 2024 और भारतनेट की जरूरतों के अनुसार अपग्रेड किया गया है। मुख्य सचिव ने आरओडब्ल्यू आवेदनों के निपटारे की औसत अवधि 45 दिन या उससे कम करने के लिए तेजी से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
भूमिगत दूरसंचार नेटवर्क और दूसरे बुनियादी ढांचे को खुदाई के दौरान नुकसान से बचाने के लिए कॉल बिफोर यू डिग प्रणाली के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया गया। फिलहाल हरियाणा के अलग-अलग विभागों के 1,204 उपयोगकर्ता इस प्रणाली पर पंजीकृत हैं। समिति ने सरकारी भवनों और अन्य उपयुक्त सरकारी संपत्तियों पर 5जी स्मॉल सेल, रूफटॉप साइट, पोल और फाइबर नेटवर्क लगाने की सुविधा बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया। इसके साथ ही दूरसंचार टावरों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की समीक्षा की गई। स्मार्ट मीटर से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए हरित ऊर्जा की मुक्त पहुंच आसान होगी। साथ ही, संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में बिजली की खपत और बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।